ओटीए गया से सेना को मिले 253 नए अफसर, ‘अंतिम पग’ के साथ शुरू हुआ गौरवपूर्ण सफर

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  • एसएससी टेक्निकल पुरुष-65 के 218 और महिला-36 के 35 कैडेट्स हुए कमीशन
 गया : गयाजी। ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए), गया में शनिवार को शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) पुरुष-65 और महिला-36 के चौथे बैच की भव्य पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। समारोह में 253 ऑफिसर कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त अधिकारी के रूप में ‘अंतिम पग’ पार किया। इनमें एसएससी (टेक्निकल) पुरुष-65 के 218 और महिला-36 के 35 ऑफिसर कैडेट्स शामिल हैं।
वियतनाम पीपुल्स आर्मी के डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग समारोह के रिव्यूइंग ऑफिसर रहे। अनुशासित, सटीक और शानदार तालमेल के साथ कैडेट्स की ड्रिल ने उपस्थित लोगों में गर्व की भावना पैदा की।
पी. शशि कुमार को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल
पासिंग आउट परेड के परेड कमांडर एकेडमी अंडर ऑफिसर पी. शशि कुमार रहे। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें बेस्ट ऑल-राउंडर चुना गया और प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। उन्होंने ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल भी जीता। उन्हें गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला है।
ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में दूसरा स्थान हासिल करने वाले बटालियन अंडर ऑफिसर दीपक सिंह रावत को सिल्वर मेडल मिला। उन्हें राजपूत रेजिमेंट में कमीशन किया गया है। वहीं, एकेडमी कैडेट एडजुटेंट नवनीत सिंह ने तीसरा स्थान हासिल कर ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त किया। उन्हें पैरा स्पेशल फोर्सेज में कमीशन किया गया है। कालीधर कंपनी को ओवरऑल चैंपियन कंपनी बनने पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर प्रदान किया गया।
तकनीक और नवाचार अपनाने का आह्वान
रिव्यूइंग ऑफिसर ने नए कमीशन प्राप्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए बदलते युद्धक्षेत्र की चुनौतियों के अनुरूप खुद को लगातार तैयार रखने का आह्वान किया। उन्होंने युवा सैन्य नेतृत्व को नवाचार अपनाने, अपनी जानकारी को लगातार अपडेट करने और नई तकनीक में दक्षता हासिल करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तेजी से निर्णय लेने की क्षमता और भारतीय सेना के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ही प्रभावी सैन्य नेतृत्व की पहचान है। उन्होंने अधिकारियों को शांति और युद्ध, दोनों परिस्थितियों में प्रभावी कमान के लिए परंपरा और आधुनिक सोच के बीच संतुलन बनाने की सलाह दी।
पिप्पिंग सेरेमनी में भावुक हुए परिजन
पिप्पिंग सेरेमनी नए अधिकारियों और उनके परिजनों के लिए गर्व और भावुकता से भरा पल रहा। बिगुल की धुन के बीच नवकमीशन प्राप्त अधिकारियों के कंधों पर स्टार लगाए गए, जो उनके अधिकारी बनने का प्रतीक था। एकेडमी एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल प्रखर धागत ने अधिकारियों को देश सेवा की गंभीर शपथ दिलाई।
महीनों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और अथक मेहनत के बाद 253 युवा अधिकारी भारतीय सेना में नई जिम्मेदारियों के साथ शामिल हुए। सैन्य वर्दी में गर्व से कदम बढ़ाते इन अधिकारियों ने देश की सेवा और सुरक्षा के संकल्प के साथ अपने सैन्य जीवन की नई शुरुआत की।
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