गया जी। देश के हर नागरिक तक आसान, सुलभ और भरोसेमंद बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के अपने संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने आज अपना आठवां फाउंडेशन डे स्थापना दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया गया है। इस विशेष अवसर पर बैंक ने देश के दूर-दराज के इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों और समाज के वंचित वर्गों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की अपनी यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला है।
संचार मंत्रालय के तहत डाक विभाग के पूर्ण स्वामित्व वाले इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की स्थापना 1 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “आपका बैंक, आपके द्वार” के मूल मंत्र के साथ की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में, बैंक ने देश के कोने-कोने में मौजूद डाकघरों और डाकियों (पोस्टमेन) के विशाल नेटवर्क का उपयोग करके पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था से अछूते करोड़ों नागरिकों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ा है।
इस अवसर पर अपने संदेश में बैंक के प्रबंधन ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य भारत के हर नागरिक के लिए बैंकिंग को सरल, सुरक्षित और किफायती बनाना है। आज जब हम अपने फाउंडेशन डे का जश्न मना रहे हैं, तो यह उन अनगिनत ग्राहकों और हमारे कर्मठ डाकियों के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है, जिन्होंने ‘आपके द्वार बैंक’ के विजन को जमीन पर उतारा है।”
*मुख्य उपलब्धियां और भविष्य की दिशा:*
डोरस्टेप बैंकिंग क्रांति: देश भर में लाखों डाकिए माइक्रो-एटीएम और स्मार्टफोन के जरिए घर-घर जाकर खाता खोलने, नकद निकासी और बिल भुगतान जैसी सेवाएं दे रहे हैं।
*महिला सशक्तिकरण*: ग्रामीण महिलाओं विशेषकर ग्रामीण डाक सेवकों और आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं) को वित्तीय साक्षरता और सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भागीदार बनाया गया है।
डिजिटल और डीबीटी सेवाएं: सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं डी बी टी का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाने में बैंक ने एक बड़ी भूमिका निभाई है।
फाउंडेशन दिवस के तहत देश भर की विभिन्न शाखाओं और डाकघरों में विशेष ग्राहक जागरूकता शिविर, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम और खाता खोल अभियान आयोजित किए गए हैं। आने वाले समय में आइ पी पी बी उन्नत डिजिटल भुगतान समाधानों, बीमा, और ऋण सेवाओं को और अधिक सहज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी आधुनिक बैंकिंग का पूरा लाभ मिल सके।
27