गया जी। आज जगजीवन महाविद्यालय, गया जी के मानवीकी संकाय अंतर्गत अंग्रेजी विभाग के द्वारा स्नातक 2026-30 बैच के छात्र-छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजित किया गया। इसमें भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और संबंधित विभागों के प्रोफ़ेसर मौजूद थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मो. ऐयूब ने की है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी को यह जानकर आश्चर्य होगा कि वर्तमान समय में जगजीवन महाविद्यालय मगध विश्वविद्यालय का एकमात्र ऐसा कॉलेज है जिसे नैक से सबसे अधिक प्वाइंट हासिल है। आप नए विद्यार्थियों को यह भी मालूम होना चाहिए कि जगजीवन महाविद्यालय गया जी के सबसे पुराने कॉलेजों में से एक है। इस महाविद्यालय के अधिकांश संकाय बहुत मेहनती एवं अनुभवी हैं। आप सभी विद्यार्थी नियमित तौर पर कक्षाओं में अपनी उपस्थिति बनाए रखिए। मैं आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. पूर्णेंदु कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 विविधताओं से लैस है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। आप जब नए पाठ्यक्रम से होकर गुजरेंगे तो आप यह समझ पाएंगे कि यह कई मामलों में नवाचार को प्राथमिकता देता है। इसलिए कुल छह यूनिट के इस पाठ्यक्रम को ध्यान से देखना और उसे आत्मसात करना होगा। इस पाठ्यक्रम का निर्माण बदलते समाज की प्रकृति को केंद्र में रखकर किया गया है। मंच संचालन करते हुए अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शोभा ने विस्तारपूर्वक नए विद्यार्थियों को कक्षा में आने की अनिवार्य को रेखांकित किया है। विद्यार्थी अपने भीतर भाषा कौशल का विकास तब तक नहीं कर सकेंगे, जब तक कि वे नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता शिक्षक की जगह नहीं ले सकती है। इस कार्यक्रम को मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुरानी, हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. संगीता कुमारी, हिन्दी विभाग के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ. प्रदीप कुमार, दर्शनशास्त्र विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. संगीता कुमारी ने भी सम्बोधित किया है। इस अवसर पर प्रो. डॉ. रतिकांत दास, डॉ. शिवकुमार रविदास, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनीष कुमार सिंह ने किया है।
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