पितृपक्ष मेला की तैयारियों पर नगर आयुक्त ने की एक-एक व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा

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  • नगर आयुक्त की समीक्षा बैठक में स्वच्छता-पेयजल से प्रकाश व्यवस्था तक ससमय तैयारियां पूरी करने का निर्देश
  • मेले से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का सख्त निर्देश
  • श्रद्धालुओं की सुविधा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता : नगर आयुक्त
गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देश-विदेश से गयाजी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
इसी क्रम में नगर आयुक्त डॉ. गगन ने सोमवार को निगम कार्यालय में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अब तक की तैयारियों की जानकारी ली और शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
इस बैठक में पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें मेला क्षेत्र की साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, घाटों की व्यवस्था, शौचालय, तालाबों व पिंडदान स्थलों पर आवश्यक सुविधाएं, अस्थायी पनशाला सहित अन्य नागरिक सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने को कहा है।
आउटसोर्सिंग से होगी पूरे मेला क्षेत्र की सफाई
बैठक में नगर आयुक्त को बताया गया कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराई जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर सफाई व्यवस्था को समय से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान गयाजी में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र, प्रमुख पिंडदान स्थलों, घाटों और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले रास्तों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले उसे पूरा करने को कहा, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हो।
17 स्थानों पर बन रहे वैट-प्याऊ, लगेंगी अस्थायी पनशालाएं
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। बैठक में बताया गया कि मेला क्षेत्र में 17 स्थानों पर वैट-प्याऊ का निर्माण कराया जा रहा है। इसका कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराया जा रहा है। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी पनशालाएं भी लगाई जाएंगी।
नगर आयुक्त ने पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र बनाए जाएं और सभी स्थानों पर नियमित रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अंधेरे वाले स्थानों पर लगेंगी स्ट्रीट लाइट, ब्लैक स्पॉट पर हाईमास्ट
पितृपक्ष मेले में प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी नगर निगम की ओर से विशेष तैयारी की जा रही है। बैठक में बताया गया कि मेला क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था का सर्वे के साथ खराब लाइटों को मरम्मती कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है, वहां टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नई लाइट लगाई जाएगी।
श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ वाले हॉटस्पॉट स्थानों पर हाईमास्ट, मिनी हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना है। प्रमुख मार्गों, घाटों और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया गया है।
रामकुंड, गोदावरी, ब्रह्मसत्य और वैतरणी के मिनी झरने होंगे दुरुस्त
समीक्षा बैठक में गयाजी के विभिन्न तालाबों में लगे रेडिएटर यानी मिनी झरनों की स्थिति की भी जानकारी ली गई है। बताया गया कि रामकुंड, गोदावरी तालाब, ब्रह्मसत्य और वैतरणी में लगे मिनी झरनों की स्थिति की जांच कराई जाएगी।
नगर आयुक्त ने संबंधित सहायक को इनकी स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेले से पहले तालाबों और प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए।
लेजर लाइट शो से दिखेगी गयाजी की धार्मिक महत्ता
पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गयाजी की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए लेजर लाइट शो की भी तैयारी की जा रही है। बैठक में लेजर लाइट शो से संबंधित व्यवस्थाओं और आयोजन की तैयारियों की जानकारी ली गई है।
इस माध्यम से गयाजी के धार्मिक महत्व, पिंडदान की परंपरा और यहां की ऐतिहासिक विरासत को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित करने की योजना है।
मेला क्षेत्र में खुले मैनहोल व खराब सड़क-नाली को दुरुस्त करने का निर्देश
पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने मेला क्षेत्र में रोड, नाली, खुले मैनहोल सहित विभिन्न शेष कार्यों को जल्द दुरुस्त कराने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने और जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल ठीक कराने को कहा, ताकि पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पितृपक्ष मेला गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विश्वस्तरीय आयोजन है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त प्रकाश, सुगम आवागमन, घाटों की बेहतर व्यवस्था, शौचालय और पिंडदान की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने कार्यों की लगातार निगरानी करने तथा मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।
नगर निगम की तैयारियों का उद्देश्य इस वर्ष गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर, स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि पितृपक्ष मेला व्यवस्थित और यादगार तरीके से संपन्न हो सके।
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