- बिहार सरकार द्वारा 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है- नीतिश मिश्रा मंत्री
आईआईएम बोध गया ने उत्कृष्टता के 11 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। इस अवसर पर संस्थान के कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा आईपीएम के छठे बैच का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जो संस्थान की निरंतर प्रगति और विकास को दर्शाता है।
बोध गया।आईआईएम बोध गया ने 11 वर्षों की उत्कृष्ट यात्रा पूरी होने के अवसर पर 31 अगस्त 2026 को अपना स्थापना दिवस मनाया गया है। इस अवसर पर संस्थान के प्रथम बैच के कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया तथा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आईपीएम) के छठे बैच का ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। इस कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों की संस्थान में शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। इस वर्ष संस्थान ने कुल 207 विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिनमें 70 छात्राएँ और 137 छात्र शामिल हैं। वहीं, कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम के प्रथम बैच में कुल 14 शोधार्थियों ने प्रवेश लिया, जिनमें 12 पुरुष और 2 महिला शोधार्थी शामिल हैं।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई है। इसके पश्चात प्रो. अविरल कुमार तिवारी अध्यक्ष, पीएचडी कार्यक्रम ने कार्यकारी पीएचडी कार्यक्रम तथा प्रो. अर्चना पात्रो अध्यक्ष, आईपीएम कार्यक्रम ने आईपीएम कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया है। निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने आईपीएम के नए बैच का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बोध गया की विशिष्टता पर प्रकाश डाला और इसे गहन आध्यात्मिक महत्व की भूमि बताया। क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत, यहाँ के लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने मानव पूंजी में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की आबादी इसके सबसे अनमोल संसाधनों में से एक है। उनका संदेश एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा को सही अवसर और मार्गदर्शन देकर बड़े लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने युवा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा नवाचार और सकारात्मक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक और धीमी गति से होने वाली प्रगति तक सीमित न रहने, बल्कि बड़े सपने देखने और साहसिक कदम उठाने का आह्वान किया है। उन्होंने ‘लीपफ्रॉग’ की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए नए अवसरों का लाभ उठाने और क्षेत्र के विकास की नई दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया है। नितीश मिश्रा, नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, बिहार सरकार, समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे हैं। उन्होंने बिहार के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार द्वारा 1,700 से अधिक स्टार्टअप्स को स्वीकृति एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि राज्य का व्यापक स्टार्टअप इकोसिस्टम लगभग 5,000 स्टार्टअप्स तक पहुँच चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईएम बोध गया बिहार राज्य में शैक्षणिक उत्कृष्टता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बिहार की बदलती तस्वीर को रेखांकित करते हुए कहा, “यह वह पुराना बिहार नहीं है, जिसकी चर्चा पुरानी सुर्खियों में होती थी। यह वह बिहार है जो अपने भविष्य का निर्माण कर रहा है, नए उद्यम स्थापित कर रहा है और अपने विकास के लिए स्वयं संसाधन जुटा रहा है।”
इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए इंडिगो की उपाध्यक्ष मानव संसाधन डॉ. रुचि धवन शर्मा का विशेष सत्र आयोजित हुआ है। इसके बाद सम्मानित अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह, एवीएसएम, कमांडेंट, ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), गया ने विशेष संबोधन दिया है। उन्होंने भारतीय मूल्यों और जड़ों से जुड़े रहने तथा विशेष रूप से हिंदी भाषा को जानने और उसका सम्मान करने के महत्व पर जोर दिया है। इसके पश्चात साइबर अपराध पर एक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया है।
इस कार्यक्रम आगे बढ़ते हुए जेएम फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ मोहंती के मुख्य संबोधन से समृद्ध हुआ। इसके बाद गूगल के स्ट्रैटेजिक एंड इमर्जिंग पार्टनरशिप्स एवं डिस्ट्रीब्यूशन इकोसिस्टम से जुड़े सत्येंद्र खरे ने अपने विचार साझा किए हैं। इस कार्यक्रम का समापन चरण सिमेन्स टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज के हेड ऑफ ट्रेनिंग श्री पिंटू कुमार जैन के मुख्य सत्र के साथ आगे बढ़ा है।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक केक कटिंग समारोह और आईआईएम बोध गया शैक्षणिक समुदाय की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं उत्साह को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और उनके परिश्रम, दृढ़ता एवं खेल भावना का उत्सव मनाया गया है।
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