लाडो बानी फैंस क्लब ट्रस्ट की ऐतिहासिक पहल: प्रेमचंद रंगशाला में मंचित ‘अवलोकन’ ने छुआ दर्शकों का दिल!

Live News 24x7
4 Min Read
पटना। कला एवं संस्कृति विभाग (बिहार सरकार) के सौजन्य से प्रेमचंद रंगशाला में पटना रंग गुरुकुल द्वारा निर्मित एक दिवसीय नाट्य प्रस्तुति “अवलोकन” का मंचन हुआ। लाडो बानी फैंस क्लब ट्रस्ट (एलबीएफसी ट्रस्ट) और पटना रंग गुरुकुल का यह पहला साझा रंगमंचीय प्रयास था, जिसका मुख्य उद्देश्य उभरते कलाकारों को बड़ा मंच देना है। कार्यक्रम में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष इंद्रजीत पटेल का भी विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम के दौरान एलबीएफसी ट्रस्ट एवं पटना रंग गुरुकुल द्वारा सभी अतिथियों को मोमेंटो व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। एलबीएफसी ट्रस्ट का मानना है कि रंग गुरुकुल के साथ मिलकर काम करना युवा कलाकारों को तराशने का एक सशक्त जरिया है। संस्था ने यह प्रतिबद्धता जताई है कि वह आगे भी कलाकारों को एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती रहेगी और कला व संस्कृति को जोड़ने का यह संकल्प भविष्य में भी जारी रखेगी।
ममता मेहरोत्रा की कहानी पर आधारित इस नाटक का नाट्य रूपांतरण मणिकांत चौधरी ने किया। मुंबई से आकर पटना में स्थानीय प्रतिभाओं को तराशने में जुटे निर्देशक राजवीर गुंजन ने कलाकारों को कड़ी मेहनत से तैयार कर इस कहानी को मंच पर जीवंत किया। नाटक के माध्यम से बच्चों के सुरक्षित भविष्य और सही मार्गदर्शन का बड़ा संदेश दिया गया। इसमें दर्शाया गया कि कैसे माता-पिता की अनदेखी, गलत संगत और संवाद की कमी के कारण बच्चे भटक जाते हैं, गलतियां कर बैठते हैं और अंततः उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।
वरुण सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, कला संस्कृति प्रकोष्ठ, बिहार), कृष्णा पटेल (अध्यक्ष, कला संस्कृति व खेल प्रकोष्ठ, जेडीयू), चेतना झांब (एंटरप्रेन्योर एवं सोशल वर्कर), नूतन सिन्हा (मीडिया प्रभारी संगठन मंत्री), ऋषभ (रेयांक फार्म्स के ओनर) और यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया के उप संपादक प्रेम कुमार उपस्थित थे।
मंच पर (कलाकार): सृष्टि सिंह, अंजलि तिवारी, मणिकांत चौधरी, अविनाश कुमार, सौरभ सिंह, भारती नारायण, गौतम कुमार निराला, संजय किशोर प्रसाद, राजा कुमार, कशिश, खुशबू और पूजा।
मंच परे (तकनीकी टीम): विनय चौहान, निशांत, सूरज, समीर, अंजू, मयंका, श्रेयशी सोनल, आयुषी, सुनील, धीरज कुमार व कुमार पंकज (उद्घोषक)।
कलाकारों का सम्मान एवं संयुक्त धन्यवाद ज्ञापन:
कार्यक्रम के विशेष सत्र में मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा एलबीएफसी ट्रस्ट की ओर से सभी कलाकारों को अंगवस्त्र एवं सम्मान-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। संस्थापिका रागिनी पटेल ने बताया कि “अतिथियों के हाथों कलाकारों को सम्मानित कराने का मुख्य उद्देश्य उनका मनोबल बढ़ाना और उन्हें यह अहसास कराना है कि उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना की गई है। यह सम्मान केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि कलाकारों और संस्था के बीच विश्वास का एक ऐसा सूत्र है, जो उन्हें आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।”
साथ ही उन्होंने एक माँ के रूप में संदेश दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की संगत पर ध्यान दें और उनके साथ हमेशा दोस्ती का रिश्ता रखें, ताकि घर में भरोसा बना रहे, बच्चे अपनी बातें न छुपाएं और कभी सही राह से भटककर अपनी जिंदगी दांव पर न लगाएं।
कार्यक्रम के समापन पर एलबीएफसी ट्रस्ट और पटना रंग गुरुकुल दोनों संस्थाओं ने संयुक्त रूप से सभी अतिथियों, मीडियाकर्मियों और सभागार में उमड़ी दर्शकों (रंगप्रेमियों) की ऐतिहासिक भीड़ का हृदय से आभार व्यक्त किया। दोनों संस्थाओं ने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी युवा कलाकारों को तराशने और रंगमंच के जरिए समाज को बेहतर संदेश देने का यह सफर इसी तरह मिलकर जारी रखेंगे।
20
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *