विवाह समारोह को शुद्ध एवं स्वच्छ वातावरण में बिना दहेज  एवं नाच गाना के  संपन्न करें : मुफ़्ती कुतुबुद्दीन रिज़वी

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 मोतिहारी : संगठन उलेमाए अहले सुन्नत मेहसी के तत्वाधान में समुदाय और समुदाय की भलाई के लिए मेहसी मे कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बैठक में उलेमा डीजे के साथ बारात का निकाह नहीं पढ़ाने का निर्णय लिया।
समाज को सभी बुराइयों से मुक्त करना हमारे संगठन की पहली प्राथमिकता है।  सरकार ए मदीना ने आदेश दिया है कि शादी को आसान बनाया जाए ताकि समाज में बलात्कार जैसी घातक बीमारी पैदा न हो, लेकिन हमने नादानी और नासमझी में ऐसी परंपरा डाल दी है जो हमारे लिए ही बुरी बन गई है।  उपरोक्त बातें उलमा ए अहले सुन्नत मेहसी द्वारा पश्चिमी बथना गांव में आयोजित फलाह ए कौम व मिल्लत  कांफ्रेंस के आयोजन के दौरान महबूब शबनम रिजवी ने कही, और आगे बताया कि हमारी संस्था शादी समारोह में डीजे आदि बजाने के विरुद्ध है। और समाज के सभी लोग संगठन के साथ हैं।  हमें शादी के मौके पर फिजूलखर्ची की गलत परंपरा के बारे में भी सोचने की जरूरत है। मौलाना इमरान रजा ने कहा, “अपनी दौलत को शराब जैसी हराम चीजों पर खर्च न करें। अगर अल्लाह तआला ने तुम्हें दौलत से दिया है तो उसे शिक्षा पे खर्च करें ।”
 मुफ्ती गुलाम गौस रिजवी ने कहा कि मुस्लिम समाज में व्याप्त कुरीतियों पर रोक लगाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।  शराब, जुआ, आपसी मतभेद,पाखंड, और दहेज की मांग जैसी घातक बीमारियों को खत्म करना बहुत जरूरी है।  समाज में जागरूकता लाने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है.  अल्लाह के करम से इसका बेहतर परिणाम मिल रहा है।  इस मौके पर नूर आलम पैकर चम्पारणी, इरशाद रोशन चम्पारणी, फिरोज अरकम चम्पारणी, सैयद नूरानी रजा हलीमी, नसीम अजीजी, जनाब मकसूद फैजी, इम्तियाज कमर हलीमी और महफूज अमल मेहसवी भी मौजूद थे।
 इस मौके पर मेहसी शरीफ के तमाम विद्वान व इमाम समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे.
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