कैमूर (भभुआ)। जिले में बाढ़ की संभावित स्थिति और नदियों के जलस्तर को लेकर कैमूर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल तथा दुर्गावती जलाशय परियोजना के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकासात्मक, उपचारात्मक और सुरक्षात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने जिले के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर मौके पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में बाढ़ नियंत्रण, जल प्रबंधन, तटबंधों, गाइड बांधों और अन्य सुरक्षात्मक संरचनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे लगातार निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अभियंताओं को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने और किसी भी संभावित रिसाव या कटाव की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जलस्राव लगातार घटने के क्रम में है और अनुमान है कि अगले एक दिन के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रशासन के अनुसार वर्तमान में जिले की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसी भी हिस्से से जनहानि या किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
हालांकि जिला प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां कर रखी हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुला लिया गया है, जो पूरी तरह मुस्तैद है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल द्वारा लगभग 10 हजार बालू भरी बोरियों का सुरक्षित भंडारण भी किया गया है।
आपदा प्रबंधन शाखा के अनुसार जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा बचाव कार्य के लिए 12 नावों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 815 पॉलिथीन शीट, 29 लाइफ जैकेट और एक महाजाल सुरक्षित रखा गया है। संभावित बचाव कार्यों के लिए 19 कुशल गोताखोरों को भी चिह्नित कर तैयार रखा गया है।
समीक्षा बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने रतवार, मोहनिया पंप हाउस, बेलौड़ी, कुदरा तथा दुर्गावती नदी स्थित राजेश्वर नगर घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर स्थिति सामान्य पाई गई और किसी बड़े जलजमाव या खतरे की स्थिति नहीं मिली।
राजेश्वर नगर घाट पर जिला पदाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान मोहनिया विधानसभा की विधायक श्रीमती संगीता देवी भी जिला पदाधिकारी के साथ क्षेत्रीय निरीक्षण में शामिल रहीं।
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र की लगातार निगरानी जारी रखी जाए।
22