- पतरातु पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय से कुछ दूरी पर पुलिस जवान का घर बना चोरों का निशाना
- पतरातू पुलिस की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- पुलिस जवान का घर ही सुरक्षित नहीं तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या?
रामगढ़(पतरातू): पतरातू थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी घटना से लगाया जा सकता है कि पतरातू अंचल के इंस्पेक्टर कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित एक पुलिस जवान के घर को ही चोरों ने निशाना बना दिया। चोर बंद मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए और लाखों रुपये मूल्य के सामान व जेवरात लेकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस जवान के घर में चोरी की वारदात होती रही और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इस घटना ने एक बार फिर पतरातू पुलिस की गश्ती, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस महकमे से जुड़े जवान का घर ही थाना और इंस्पेक्टर कार्यालय के आसपास सुरक्षित नहीं रह पा रहा है, तो आम नागरिक अपने घर और परिवार की सुरक्षा को लेकर किस तरह निश्चिंत रह सकते हैं, यह बड़ा सवाल बन गया है।
रक्षाबंधन पर घर बंद होना चोरों के लिए बना मौका
जानकारी के अनुसार, अनूप कुमार भट्ट पलामू जिले में पुलिस कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर उनकी मां बिहार स्थित पैतृक आवास गई हुई थीं। उनके बाहर रहने के कारण पतरातू स्थित मकान बंद था। चोरों ने इसी का फायदा उठाया।
चोरों ने मकान के मुख्य दरवाजे की कुंडी और ताला तोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया। इसके बाद कमरों को खंगाला और घर में रखे सामान व जेवरात समेत हजारों रुपये मूल्य की संपत्ति लेकर फरार हो गए। घटना के समय आसपास के लोगों को भी इसकी भनक नहीं लगी।
बिहार से लौटने पर खुला चोरी का राज
बुधवार को जब अनूप कुमार भट्ट की मां बिहार से वापस पतरातू स्थित अपने घर पहुंचीं, तो मुख्य दरवाजे की टूटी कुंडी देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर प्रवेश करने पर कमरों का सामान अस्त-व्यस्त मिला। सामान बिखरा पड़ा था और घर में चोरी हो चुकी थी।
उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद चोरी की सूचना पुलिस तक पहुंची।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद पतरातू थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घर का मुआयना कर चोरी से जुड़े संभावित सुराग जुटाने का प्रयास किया। चोरों ने घर से कौन-कौन से सामान और जेवरात चोरी किए हैं, इसकी पूरी सूची तैयार की जा रही है। चोरी गए सामान की कीमत का आकलन भी किया जा रहा है।
पुलिस आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों और संभावित सुरागों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोर किस रास्ते से घटनास्थल तक पहुंचे तथा चोरी के बाद किस दिशा में फरार हुए।
पुलिस जवान का घर ही सुरक्षित नहीं तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या?
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इंस्पेक्टर कार्यालय के आसपास का इलाका भी यदि चोरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन सकता है, तो पतरातू क्षेत्र के दूसरे इलाकों में रहने वाले आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के समय पुलिस की गश्ती और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। बंद मकानों को चोरों द्वारा निशाना बनाए जाने की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को संवेदनशील इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ानी चाहिए।
एक तरफ एसपी की सख्ती, दूसरी तरफ पतरातू में पुलिस के घर चोरी
रामगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कई मामलों में अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है और जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में पतरातू में पुलिस जवान के घर हुई चोरी की घटना पुलिस महकमे के लिए भी गंभीर चुनौती के रूप में सामने आई है।
एक तरफ पुलिस कप्तान अपराधियों पर शिकंजा कसने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ पतरातू थाना क्षेत्र में पुलिस के ही जवान का घर चोरों के निशाने पर आ जाना पुलिस की स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के पुलिस कप्तान की मेहनत और अपराध नियंत्रण के प्रयासों को धरातल पर सफल बनाने के लिए थाना स्तर पर भी गश्ती और सूचना तंत्र को और प्रभावी करना होगा।
चोरों तक पहुंचना अब पुलिस के लिए चुनौती
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चोरी की इस वारदात को अंजाम देने वाले चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और चोरी गए सामान की बरामदगी है।
पुलिस जवान के घर हुई इस चोरी ने पतरातू की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस चुनौती को कितनी जल्दी स्वीकार करती है और चोरों तक पहुंचकर मामले का खुलासा करती है।
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