- मुखिया के फर्जी हस्ताक्षर मामले में पैरवी करने पहुंचे थे विधायक, मारपीट-छिनतई के आरोप
- दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस
धनबाद: बरवाअड्डा थाना परिसर में बुधवार को हुई मारपीट की घटना ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से जाति, आवासीय एवं वंशावली प्रमाण पत्र बनाये जाने के मामले में आरोपी गणेश दास की पैरवी करने पहुंचे डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों के बीच कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में विधायक जयराम महतो समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
मुखिया के पुत्र ने विधायक समेत चार के खिलाफ कराया केस
मुखिया के पुत्र प्रदीप कुमार रजक की शिकायत पर बरवाअड्डा थाना में विधायक जयराम महतो, दिलीप चौधरी (बड़ापिछरी), सुशील मंडल (कोलाकुसमा) समेत अन्य के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। शिकायत में थाना परिसर में मारपीट और अन्य आरोप लगाए गए हैं।
इसी मामले में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपी गणेश दास को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
विधायक की शिकायत पर सांसद प्रतिनिधि समेत छह नामजद
वहीं डुमरी विधायक जयराम महतो की ओर से भी पुलिस को शिकायत दी गयी। विधायक के आवेदन पर सांसद प्रतिनिधि परमेश्वर उर्फ प्रेम महतो, प्रदीप रजक, तारकेश्वर रजक, आशुतोष रजक, भीखु रजक और दिनेश रजक समेत करीब दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और छिनतई का मामला दर्ज किया गया है।
थाना प्रभारी से बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने का आरोप
विधायक जयराम महतो के अनुसार उन्हें जानकारी मिली थी कि फर्जी दस्तावेज मामले के आरोपी गणेश दास के साथ मारपीट की गयी है। इसी सिलसिले में वह बरवाअड्डा थाना पहुंचे थे और थाना प्रभारी रवि कुमार से बातचीत कर रहे थे। विधायक का आरोप है कि इसी दौरान नामजद लोग वहां पहुंचे और आपत्तिजनक बातें करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
विधायक के अनुसार, बीच-बचाव करने पहुंचे सुशील मंडल के साथ भी मारपीट की गयी। उन्होंने सांसद प्रतिनिधि प्रेम महतो समेत अन्य लोगों पर सुशील मंडल के गले से दो लाख रुपये से अधिक कीमत की चेन छीनने का भी आरोप लगाया है।
एक ही घटना में आमने-सामने दोनों पक्ष
बरवाअड्डा थाना परिसर में हुई इस घटना की खास बात यह है कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। एक तरफ विधायक जयराम महतो समेत अन्य पर एससी-एसटी एक्ट और BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, तो दूसरी तरफ विधायक की शिकायत पर सांसद प्रतिनिधि समेत कई लोगों के खिलाफ मारपीट और छिनतई का केस दर्ज किया गया है।
फर्जी हस्ताक्षर और प्रमाण पत्र का है मूल विवाद
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से जाति, आवासीय एवं वंशावली प्रमाण पत्र बनाये जाने के आरोप से शुरू हुआ। इसी मामले में आरोपी गणेश दास की पैरवी को लेकर विधायक थाना पहुंचे थे। इसके बाद थाना परिसर में दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति उत्पन्न होने का आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आएगी सच्चाई
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस के सामने थाना परिसर में हुई घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
24