पटना. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में ‘जांच एवं उपचार-चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान का शुभारंभ किया. प्रदेश के सभी 38 जिलों के लिए जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया. यह अभियान 02 सितंबर से 30 नवंबर तक यानी कुल तीन महीने संचालित किया जाएगा.इस अभियान का लक्ष्य करीब 6 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करना है, ताकि बीमारी की पहचान समय पर हो और इलाज भी समय पर शुरू किया जा सके.
अभियान के तहत 30 साल से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी और डायबिटीज, हाइपरटेंशन, थायराइड, कैंसर, लीवर और किडनी से जुड़ी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCD) की जांच होगी.राज्य के 14,500 स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी व्यवस्था की गई है. बीमारी की पहचान होने पर डॉक्टर की सलाह, टेलीमेडिसिन और जरूरी दवाओं के जरिए इलाज भी सुनिश्चित किया जाएगा.
सीएम ने लोगों से कहा कि आप सभी से आग्रह है कि इस अभियान में जरूर शामिल हों. कोई परेशानी हो या आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हों तो अपनी स्क्रीनिंग जरूर कराएं. बीमारी को नजरअंदाज न करें और न ही उसे छिपाएं. समय पर जांच कराएं, समय पर इलाज कराएं और स्वस्थ रहें.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के निर्देशन में इस अभियान की शुरूआत की जा चुकी है.
बिहार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत इस काम को देख रहे हैं. इस अभियान का उद्देश्य लोगों को बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते उसकी पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है.मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है. अस्पतालों से मरीजों के रेफरल में कमी आई है तथा जिला अस्पतालों में सर्जरी की संख्या बढ़ी है.
जून माह में जहां 2428 ऑपरेशन किया गया था वह बढ़कर इस माह में 8000 से अधिक हो गया है. जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों में पहले 36 प्रकार की बीमारियों की सर्जरी हो रही थी, वह बढ़कर अब 45 प्रकार की हो गई है. इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है.
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