प्रधानमंत्री का 2047 विकसित भारत का संकल्प, आपके बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव केशव प्रसाद मौर्य

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केशव प्रसाद मौर्य ने आज रामांशा, नैनी, प्रयागराज में आयोजित ‘टेस्ट ऑफ उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव’ को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक खान-पान और विशिष्ट व्यंजनों को देश-दुनिया तक पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया। श्री मौर्य  ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध खान-पान की परंपरा के लिए भी पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के पारंपरिक व्यंजन वहां की संस्कृति, कृषि, स्थानीय संसाधनों और जीवनशैली से जुड़े हुए हैं। ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ पहल उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक स्वाद और विशिष्ट खान-पान को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना तथा प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराना भी है। जब किसी जनपद के विशिष्ट व्यंजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलता है तो उसका सीधा लाभ उससे जुड़े किसानों, खाद्य प्रसंस्करण करने वाले उद्यमियों, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचता है।

श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसके गांवों, किसानों, कारीगरों, महिलाओं और युवाओं से है। डबल इंजन की सरकार इन्हीं वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में जिस गति और व्यापक स्तर पर विकास कार्य हुए हैं, उतना विकास पिछली सरकारों के कार्यकाल में नहीं हुआ। आज देश में सड़क, रेल, एयरपोर्ट, डिजिटल कनेक्टिविटी, उद्योग, रोजगार, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण सरकार अकेले नहीं कर सकती। इसके लिए किसान, मजदूर, व्यापारी, उद्यमी, युवा, महिलाएं और समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका निभाए।

उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि “आज हम जो श्रमदान, सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रहे हैं, वह केवल आज के लिए नहीं है। आज किया गया श्रमदान आपके बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव तैयार करेगा।” हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा भारत बनाना है, जहां अवसरों की कमी न हो, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार मिले, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले और गांवों की प्रतिभा को वैश्विक मंच प्राप्त हो।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के क्षेत्र में भी महिला समूहों को आगे बढ़ाकर उन्हें उद्यमिता से जोड़ा जा सकता है। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्थानीय स्वाद स्थानीय रोजगार का माध्यम बने और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन प्रदेश की आर्थिक एवं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बनें। उन्होंने कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के स्वाद को देश-दुनिया तक पहुंचाने वाले सभी लोग प्रदेश की समृद्ध विरासत के ब्रांड एंबेसडर हैं।

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