Live News 24×7 के लिए कैलाश गुप्ता।
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज प्रखंड का एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली व विभागीय अधिकारी पर सवालिया निशान लगा दिया है। वैसे तो पूर्वी चम्पारण का शिक्षा विभाग किसी न किसी बहाने हमेशा सुर्खियों में रहता ही है।

आज ताजा मामला राजकीय प्राथमिक विद्यालय अरेराज मंदिर का है, जहां गत 25 मार्च को अनुमंडल पदाधिकारी अंजली शर्मा अरेराज के द्वारा उक्त विद्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जहां विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अर्पणा सिन्हा अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाई गई जिसपर अनुमंडल पदाधिकारी अंजली शर्मा के द्वारा शिक्षक उपस्थिति पंजी पर श्रीमति अर्पणा सिन्हा के नाम के सामने क्रॉस कर दिया गया था।

वहीं विद्यालय में कई प्रकार की अनियमिताएं भी पाई गई, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी के पत्रानुसार मुख्य रूप से बरामदा व वर्ग कक्ष की फ़र्ज़ की ढलाई नही की गई है, वर्ग 1 व 2 में बेंच-डेस्क नही था जिसके कारण बच्चे बोरा पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे वहीं विद्यालय में लगा समरसेबल बोरिंग चालू स्थिति में नही पाई गई।

उक्त के आलोक में जहां अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अपने पत्र संख्या 403 दिनांक 25 मार्च 26 से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरेराज से विद्यालय में पाए गए अनियमितता से संबंधित कारण पृच्छा किया गया है जो सूचनानुसार अबतक अप्राप्त है। वहीं मजे की यह है कि प्रधानाध्यापिका श्रीमति अर्पणा सिन्हा द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति पंजी में लगाए गए क्रॉस को वाइटनर से मिटाकर अपनी उपस्थिति 9.30 बजे दर्ज कर दी गई है।
वहीं अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र और शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति पंजी की छायांकन को शिक्षकों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल कर हमारे वेब चैनल के माध्यम से कार्रवाई कराने का मांग किया गया है।
पत्र व उपस्थिति पंजी ग्रुप में वायरल होने से जहां चर्चा का विषय बना है वहीं दर्जनों शिक्षकों द्वारा कहा जा रहा है कि ऐसे मनमानी, स्वेच्छाचारी प्रवृत्ति व अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने वाली शिक्षिका के विरुद्ध जिला शिक्षा पदाधिकारी को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए….. बहराल देखना यह है कि क्या जिला शिक्षा पदाधिकारी शिक्षिका श्रीमति अर्पणा सिन्हा के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे या जांच की खानापूर्ति कर मामले को लीपा पोती कर दी जाएगी……
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