यूपी में जहरीले कुट्टू के आटे ने बिगाड़ा व्रत का जायका बिजनौर-बागपत में एडीएम समेत दर्जनों लोग बीमार

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 चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा की उपासना के लिए व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुक्रवार की सुबह आफत भरी रही। बिजनौर और बागपत जिलों में कुट्टू के आटे से बने पकौड़े और पूरियां खाने के कुछ ही देर बाद लोगों को उल्टी, चक्कर और शरीर में कंपकंपी (Tremors) की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते अस्पतालों में मरीजों की कतार लग गई।

1. बागपत: एडीएम (न्यायिक) और सुरक्षाकर्मी चपेट में

बागपत में स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब जिले के एडीएम (न्यायिक) शिव नारायण और उनके फालोअर सतीश कश्यप की तबीयत कुट्टू का भोजन करने के बाद बिगड़ गई।

लक्षण: उन्हें लगातार उल्टियां और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कुल मामले: बागपत के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक करीब 9 लोगों के बीमार होने की पुष्टि हुई है।

2. बिजनौर: कई गाँवों में मचा हाहाकार

बिजनौर जिले के नजीबाबाद क्षेत्र में फूड पॉइजनिंग का असर सबसे ज्यादा दिखा। यहाँ के कई गाँवों में स्थिति भयावह हो गई:

प्रभावित गाँव: सिकरौडा, लाहक कला, मोहनपुर और खैरुल्लापुर।

बीमारों की संख्या: रिपोर्ट के अनुसार अकेले बिजनौर में 30 से अधिक ग्रामीण बीमार हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

गंभीर स्थिति: कुछ मरीजों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र (Higher Center) रेफर किया गया है। पीड़ितों ने बताया कि भोजन करने के महज एक घंटे के भीतर ही उन्हें घबराहट होने लगी थी।

3. प्रशासनिक कार्रवाई और छापेमारी

घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीमें सक्रिय हो गई हैं:

सैंपल कलेक्शन: बागपत और बिजनौर के बाजारों से कुट्टू के आटे के नमूने लिए जा रहे हैं।

दुकानें सील: संदिग्ध मिलावटी आटा बेचने वाली दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

4. क्यों होता है कुट्टू का आटा जहरीला?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुट्टू के आटे में जहर फैलने के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

पुराना स्टॉक: कुट्टू में नेचुरल ऑयल की मात्रा अधिक होती है। लंबे समय तक स्टोर करने पर यह ऑक्सीडाइज होकर रैंसिड (Rancid) हो जाता है, जिससे यह जहरीला बन जाता है।

फंगल इंफेक्शन: नमी वाले स्थान पर रखने से इसमें फंगस लग जाता है जो ‘एफलाटॉक्सिन’ (Aflatoxins) पैदा करता है।

मिलावट: कम मुनाफे के लिए दुकानदार इसमें सिंथेटिक चीजें या घटिया अनाज मिला देते हैं।

सावधानी बरतें (Health Advisory):

ताजा आटा ही खरीदें: हमेशा भरोसेमंद दुकान से सीलबंद और हाल ही में पिसा हुआ आटा ही लें।

बीज खरीदें: सुरक्षित रहने के लिए कुट्टू के साबुत बीज खरीदकर उन्हें घर पर साफ करके पिसवाना सबसे बेहतर विकल्प है।

लक्षण दिखने पर: यदि व्रत का खाना खाने के बाद चक्कर या उल्टी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खूब पानी पिएं।

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