देश में रसोई गैस (LPG) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद आम जनता के बीच यह डर बैठ गया था कि क्या अब पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ने वाले हैं। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया था कि तेल कंपनियां जल्द ही परिवहन ईंधन की दरों में संशोधन कर सकती हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है।
सरकार का बड़ा आश्वासन: नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
सरकारी सूत्रों ने रविवार, 8 मार्च 2026 को स्पष्ट रूप से कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, भारत की ऊर्जा भंडार (Energy Stock) की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और आपूर्ति श्रृंखला अब पहले से कहीं अधिक स्थिर है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि वैश्विक स्तर पर चल रही उथल-पुथल के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला जाएगा।
क्यों उठी थी कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका?
7 मार्च 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 की भारी बढ़ोतरी की गई थी। इसके साथ ही ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की खबरें आई थीं। विपक्ष ने इन परिस्थितियों को आधार बनाकर आरोप लगाया था कि सरकार जल्द ही पेट्रोल-डीजल भी महंगा करने वाली है। सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह ‘निराधार’ बताया है।
रणनीतिक मजबूती: अन्य देशों से बढ़ी तेल की आपूर्ति
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। सरकारी जानकारी के अनुसार:
भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य रास्तों से होने वाले कच्चे तेल के आयात में 10% की वृद्धि की है।
वैकल्पिक स्रोतों से आयात का हिस्सा 60% से बढ़कर अब 70% हो गया है।
रूस और अमेरिका जैसे देशों से तेल और LPG का निरंतर प्रवाह बना हुआ है।
LPG और पेट्रोल के बीच अंतर साफ किया
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पिछला आश्वासन केवल पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था, न कि रसोई गैस के लिए। LPG की कीमतों में वृद्धि वैश्विक ऊर्जा संकट और मांग-आपूर्ति के अंतर के कारण की गई है। हालांकि, पेट्रोल-डीजल के मामले में सरकार के पास पर्याप्त ‘कुशन’ (Cushion) उपलब्ध है, जिससे फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
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