आर्थिक तंगी बनी 5 लोगो के मौत का कारण, पांचो ने मौत को लगाया गले

Live News 24x7
5 Min Read

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के अमांपुर कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पेट्रोल पंप के पीछे स्थित बंद मकान से एक ही परिवार के 5 सदस्यों के शव मिले हैं। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

मिली जानकारी के अनुसार पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद पति फंदे से झूल गया। उसने पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी का गला काट दिया। तीन दिन तक शव घर में पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना का पता उस वक्त चला, जब शनिवार शाम एक युवक शादी का कार्ड देने घर गया।

उसने दरवाजा खटखटाया और नाम लेकर काफी देर तक बुलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछा। तब पता चला कि घर में पिछले तीन दिनों से कोई हलचल नहीं थी। शक के आधार पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने छैनी-हथौड़े से लोहे का दरवाजा काटकर घर के अंदर प्रवेश किया। अंदर पति का शव फंदे से लटका हुआ मिला। बगल में तीनों बच्चों के शव बेड पर थे। उसके नीचे फर्श पर पत्नी का शव पड़ा हुआ था। बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय श्यामवीर, उसकी 48 वर्षीय पत्नी रामश्री, दोनों बेटियां प्राची, आकांक्षा और बेटे गिरीश के रूप में हुई है।

आपको बता दे कि यह पूरा मामला कासगंज कोतवाली क्षेत्र का है। रविवार सुबह परिवार का अंतिम संस्कार हुआ। पति-पत्नी को एक ही चिता पर जलाया गया। जबकि तीनों बच्चों को दफनाया गया।

वही इस मामले में डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि स्थानीय लोग घटना के पीछे आर्थिक तंगी को वजह बता रहे हैं। मामले की जांच जारी है। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार बेटे की न्यूरो समस्या से परेशान था। घर के अंदर का दृश्य देखकर लग रहा था कि कई दिनों से चूल्हा नहीं जला था। वहां कोई बर्तन भी नहीं थे।
मिली जानकारी के अनुसार श्यामवीर की शादी 13 साल पहले नगला वादिक निवासी रामश्री से हुई थी। बेटी प्राची सातवीं, छोटी बेटी आकांक्षा पांचवीं और बेटा गिरीश चौथी कक्षा में पढ़ता था।

वही इस घटना को लेकर मृत्क के चाचा गया प्रसाद ने बताया कि श्यामवीर अपने भाइयों के साथ वेल्डिंग की दुकान चलाता था, लेकिन बाद में अलग हो गया था। आठ साल पहले वह अमांपुर आकर रहने लगा था। यहां पेट्रोल पंप के पीछे किराये पर एक कमरा लेकर परिवार के साथ रहता था। वह वेल्डिंग का काम करता था। उसके घर में दो रूम थे। आगे वाले में दुकान थी, जबकि पीछे 10×10 के एक छोटे से कमरे में परिवार रहता था।

चाचा ने बताया कि श्यामवीर के बेटे गिरीश को न्यूरो की समस्या थी। सिर की नस से जुड़ी बीमारी के कारण उसके इलाज में काफी खर्च हो रहा था। कुछ दिन पहले ही उसने पड़ोसी से एक हजार रुपए उधार लिए थे। उसने लोगों से आर्थिक मदद भी मांगी थी, लेकिन परिवार की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।

वही पड़ोसियों ने बताया कि मकान तीन दिन से बंद था। शनिवार को शादी का कार्ड देने एक युवक आया। दरवाजा नहीं खुलने पर उसने लोगों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी प्रभाकर चौधरी, डीएम प्रणय सिंह और एसपी अंकिता शर्मा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शाम साढ़े छह बजे सूचना मिली थी कि श्यामवीर का परिवार तीन दिन से बाहर नहीं आया है। लोहे का दरवाजा काटकर पुलिस अंदर घुसी, जहां श्यामवीर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़कर बाकी शव बाहर निकाले गए।

वही श्यामवीर के पिता नेम सिंह ने बताया कि उनके पास 12 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा उन्होंने तीन साल पहले अपने चारों बेटों में कर दिया था। उनके तीन बेटे अमांपुर कस्बे में रहते हैं। पिछले चार महीनों से उनकी श्यामवीर से बात नहीं हुई थी, क्योंकि आपसी संबंध ठीक नहीं थे। वहीं, श्यामवीर के ससुराल पक्ष का आरोप है कि पिता ने कभी श्यामवीर की मदद नहीं की।

17
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *