- अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने हेतु राज्य स्तरीय मूल्यांकन की तैयारी
पटना। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने के लिए ‘कायाकल्प कार्यक्रम’ के अंतर्गत राज्य स्तरीय बाहरी मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है । यह अंकेक्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उन स्वास्थ्य संस्थानों का किया जाएगा जिन्होंने प्रारंभिक मूल्यांकन यानि पीयर असेसमेंट में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं ।
विशेषज्ञ दलों का गठन और निरीक्षण की जिम्मेदारी
इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कुल 25 विशेषज्ञ दलों का गठन किया गया है । इन दलों में राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों के अतिरिक्त विभिन्न सहयोगी संस्थाओं जैसे यूनिसेफ, पिरामल, जपाइगो और एम्स पटना के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है । ये दल राज्य के विभिन्न जिलों जैसे अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के अस्पतालों का दौरा करेंगे ।
मूल्यांकन के लिए कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं, जिसमें स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और रोगी देखभाल जैसे विभिन्न विषयगत क्षेत्रों का सूक्ष्म अवलोकन किया जाएगा । सभी दलों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने आवंटित जिलों का भ्रमण निर्धारित तिथियों (फरवरी और मार्च 2026) पर पूरा करें । निरीक्षण कार्य पूरा होने के मात्र तीन दिनों के भीतर हस्ताक्षरित प्रतिवेदन राज्य मुख्यालय को भेजना अनिवार्य होगा ।
प्रशासनिक व्यवस्था और वित्तीय प्रावधान इस अभियान की सफलता के लिए प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। निरीक्षण दलों के आवागमन के लिए राज्य स्तर से वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, जबकि उनके ठहरने और भोजन का प्रबंध संबंधित जिला स्वास्थ्य समितियों द्वारा किया जाएगा । इसके लिए आवश्यक धनराशि का आवंटन कायाकल्प कार्यक्रम के निर्धारित बजट कोड के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं ।
जवाबदेही और भविष्य की रूपरेखा समिति के इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में जवाबदेही तय करना और आम जनता को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक विश्वसनीय बनाना है । इस मूल्यांकन के आधार पर ही भविष्य में अस्पतालों को पुरस्कृत और प्रमाणित किया जाएगा।
38
