मोतिहारी : सादगी एवं ईमानदारी के मिशाल , प्रधानमंत्री रहते हुए धोती में ही विश्व के बड़े-बड़े देशों में यात्रा करने वाले, जय जवान एवं जय किसान का नारा देकर देश में नई क्रांति लाने वाले तथा साप्ताहिक संपूर्ण देशवासियो को एक टाइम उपवास कराकर अनाज की कमी को दूर कर अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी थे। उक्त बातें शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समिति की संरक्षक शशि कला कुमारी ने कही। उन्होंने कहा की शास्त्री जी सादगी के प्रतीक थे, उनकी बातों को हर भारतीय आशीर्वाद समझकर स्वीकार करता था और जीवन में धारण भी करता था ।उक्त अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक वर्मा ने कहा कि शास्त्री जी लोन की राशि से एक कार ली थी जिस राशि को उनके मृत्यु के बाद सधाया गया । कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमारी गुप्ता ने कहा कि देश के वर्तमान शासको को लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी से प्रेरणा लेनी चाहिए ।उन्होंने किसानों और देश के जवानो का मान बढ़ाया तथा सभी देशवासियो के अंदर नया जोश भरी थी। जिला अध्यक्ष कौशल किशोर पाठक एवं महासचिव इंजीनियर रत्नेश कुमार ने शास्त्री जी को महान बताया तथा एक स्वतंत्रता सेनानी के अंदर राष्ट्र के प्रति जो जज्बा होनी चाहिए वह जज्बा लाल बहादुर शास्त्री में थी, हमें उनसे सीख लेने की जरूरत है ।श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित रहने वालों में चंद्रमा यादव ,रविंद्र सिंह,अनुप कुमार एवं अन्य लोग थे।सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पण किया।
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