सर्वजन दवा सेवन अभियान की सफलता के लिए कोर ग्रुप के सदस्य करेंगे सहयोग

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भीबीडी कार्यालय में सीफार द्वारा जिला कोर ग्रुप की बैठक आयोजित 
बैठक में उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों ने घोषणा पत्र का किया विमोचन  
मुजफ्फरपुर। फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है। क्यूलेक्स मादा मच्छर के काटने के बाद इसके संक्रमण का प्रभाव 5-10 वर्षों के पश्चात हाथीपांव या हाइड्रोसील के सूजन के रूप में देखने को मिलता है। इससे बचाव के लिए आगामी वर्ष 2026 में 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएगी। इसे स्वस्थ व्यक्ति को भी खाना है। उक्त बातें जिला स्वास्थ्य समिति और सीफार के संयुक्त प्रयास से भीबीडी कार्यालय में आयोजित जिला कोर ग्रुप की बैठक में शुक्रवार को जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी है। सीएचओ के नेतृत्व में रोगी हितधारक मंच के सदस्यों से उन्होंने लक्षित आबादी को एमडीए के दौरान दवा खिलाने में जागरूकता फैलाने को कही। जरूरी नहीं है कि फाइलेरिया उन्मूलन में ही बल्कि दूसरे बीमारियों के उन्मूलन में भी कोर ग्रुप सदस्य सहयोग करेंगे। बैठक में बोचहा, सकरा, मुरौल, मड़वन और मीनापुर से आए कुल 21 कोर ग्रुप के सदस्यों ने भाग लिया। मौके पर सीफार के घोषणा पत्र का विमोचन भी किया गया। सीएफआर के जिला प्रतिनिधिके नीति कुमारी के द्वारा कोर ग्रुप के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि एमडीए सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सामुदायिक भागीदारी है। एमडीए अभियान के दौरान शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराना हमारी प्रतिबद्धताओं में शामिल है। सीएचओ के नेतृत्व में रोगी हित धारक से जुड़े फाइलेरिया मरीज वार्ड सदस्य, मुखिया और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि जब स्वयं आगे आकर दवा खाने का संदेश देते हैं तो समुदाय का विश्वास भी दृढ़ होता है। इसलिए मैं सभी पीएसपी सदस्यों व खासकर मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों से अपील करता हूं कि सर्वजन दवा सेवन अभियान को सफल बनाने में अपनी महती भूमिका निभाएं।
डॉ माधुरी देवराजू, जोनल कॉर्डिनेटर, डब्लूएचओ ने बताया की फाइलेरिया एक खतरनाक बीमारी है और हमसे बेहतर आप लोग को पता होगा क्योंकि कोर ग्रुप में कुछ फाइलेरिया मरीज भी हैं। वैसे सदस्य समुदाय के लोगों को फाइलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी के प्रति ज्यादा प्रभावी रूप से जागरूक कर सकते है। उन्होंने फाइलेरिया और एमडीए के बारे में भी विस्तार पूर्वक चर्चा की। सभी की जिम्मेदारी और क्षेत्र में काम से संबंधित परेशानियां एवं निदान के बारे में चर्चा किया।
जनप्रतिधियों ने खुद ली सहभागिता की शपथ:
रानी क्यारा पंचायत, मीनापुर की मुखिया नेहा कुमारी और वार्ड सदस्य राघवेंद्र कुमार ने कहा कि सीएचओ-पीएसपी की पहल महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का प्रसार करके और स्वास्थ्य प्रणाली द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे विभिन्न समाधान के बारे में जागरूकता बढ़ाकर एक स्वस्थ समाज को बढ़ावा दे रही है। दोनों ने कहा कि अपने पंचायत क्षेत्र में फाइलेरिया से जागरूकता संबंधित दीवार लेखन कराकर दूसरे पंचायतों को भी प्रेरित करेंगे।
फाइलेरिया मरीजों के लिए रोगी हितधारक मंच बना अमृत: 
बैठक के दौरान फाइलेरिया रोगी सीताराम महतो ने अपने रोग का वृतांत बताते हुए कहा कि मैं पिछले कई वर्षों से फाइलेरिया से पीड़ित था। मेरी जिंदगी काफी चुनौतीपूर्ण बीत रहा था। इसी बीच मुझे जो जानकारी रोगी हितधारक मंच से जुड़ने के बाद मिली वह पहले कभी नहीं मिली थी। मुझे इस बीमारी में आराम इस मंच से मिली जानकारी के बाद ही शुरू हुआ। वहीं जीविका सी एम संगीता कुमारी ने बताया की हमारे पास 25 एस एच जी ग्रुप है। हम सभी में जागरूकता कार्यक्रम करेंगे और सभी मेंबर को जिम्मेदारी देंगे की दवा खिलाने में आशा की मदद करे और फलेरिया मरीज को चिन्हित करेंगे।
मौके पर डीएमओ डॉ सुधीर कुमार, डब्लू एच ओ जोनल कॉर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजू , पिरामल से इफ्तार अहमद खान, राकेश कुमार, अभिषेक कुमार और कोर ग्रुप के सदस्य उपस्थित थे।
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