अनूप नारायण सिंह।
पटना। महिलाओं के स्वास्थ्य और मातृत्व से जुड़ी बीमारियों के इलाज में गायनी दूरबीन सर्जरी नई क्रांतिकारी तकनीक के रूप में उभरी है। यह तकनीक न केवल आधुनिक है बल्कि सुरक्षित, कम दर्दनाक, कम खर्चीली और शीघ्र स्वस्थ होने वाली विधि है। राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित वूमेन’स हॉस्पिटल एंड फर्टिलिटी रिसर्च सेंटर में इस सर्जरी की सफलता से हजारों महिलाओं को नई जिंदगी मिली है। इस दिशा में डॉक्टर संजीव कुमार और डॉक्टर कुमारी अनुराग का योगदान उल्लेखनीय रहा है जिन्होंने बिहार ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत में महिलाओं को मातृत्व सुख दिलाने का कार्य किया है।
दूरबीन सर्जरी में पेट पर बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती, केवल आधा से एक सेंटीमीटर का छोटा छेद कर कैमरे और उपकरणों की मदद से ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द होता है, संक्रमण का खतरा घटता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाती है। डॉक्टर संजीव कुमार का कहना है कि निसंतानता के कई मामलों में बच्चेदानी, अंडेदानी या ट्यूब में समस्या होती है, जिसे दूरबीन सर्जरी से बिना किसी जटिलता के ठीक किया जा सकता है। वहीं डॉक्टर कुमारी अनुराग का कहना है कि यह तकनीक ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान है, क्योंकि इसमें उन्हें न तो ज्यादा दर्द होता है और न ही लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है।
पटना वूमेन’स हॉस्पिटल की टीम लगातार महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चला रही है। विभिन्न जिलों में आयोजित शिविरों में निःशुल्क परामर्श, सोनोग्राफी और जांच की सुविधाएं दी जा रही हैं। अब तक हजारों महिलाएं यहां इलाज के बाद स्वस्थ हो चुकी हैं और कई को मातृत्व सुख प्राप्त हुआ है। फाइब्रॉइड, एंडोमीट्रियोसिस, ओवरी सिस्ट और ट्यूबल ब्लॉकेज जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज अब इस आधुनिक तकनीक से सरलता से संभव है। डॉक्टर संजीव कुमार और डॉक्टर अनुराग ने अपने अनुभव और समर्पण से बिहार में महिला स्वास्थ्य सेवा को नई दिशा दी है। गायनी दूरबीन सर्जरी आज महिलाओं के लिए सच्चे अर्थों में शल्य चिकित्सा का वरदान साबित हो रही है।
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