Live News 24×7 के लिए धीरज गुप्ता।
गयाजी। बिहार गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित +2 उच्च विद्यालय मैदान गुरुवार को उस समय ऐतिहासिक नज़ारा बन गया, जब बिहार राज्य दलपति एवं ग्राम-रक्षा-दल महासंघ के बैनर तले हजारों ग्राम-रक्षा-दल जवानों, दलपतियों और समर्थकों ने अभूतपूर्व शक्ति प्रदर्शन किया है।इस मौके पर 30 दिवसीय महाप्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसने पूरे बिहार की पंचायत राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी।
-दीप प्रज्वलन से हुआ आगाज़, नेताओं ने भरी हुंकार
इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश महामंत्री कमलेश कुमार राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह, जिला संगठन मंत्री गौतम कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया है। इसके बाद फीता काटकर प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ है। मंच से नेताओं ने साफ कहा कि ग्राम-रक्षा-दल पंचायत व्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत किए बिना गांवों का विकास अधूरा है।

कमलेश कुमार राय का बड़ा ऐलान प्रदेश महामंत्री कमलेश कुमार राय ने कहा “ग्राम-रक्षा-दल, दलपति और क्षेत्र पदाधिकारी को मजबूत किए बिना पंचायत राज व्यवस्था की परिकल्पना अधूरी है।” उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द प्रशिक्षण देकर पंचायत कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाए और उचित मानदेय, सम्मान व अधिकार दिए जाएं।
पंचायतों में सुरक्षा से आपदा प्रबंधन तक बड़ी भूमिका-
जिलाध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद ग्राम-रक्षा-दल गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगा, छोटी आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण करेगा, आपदा राहत कार्यों में सहयोग देगा और पंचायत योजनाओं को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाएगा।
डॉ रामानुज महाराज का बड़ा बयान-
समाजसेवी डॉ रामानुज महाराज ने कहा कि सरकार जल्द ग्राम-रक्षा-दल के हित में बड़ा फैसला ले सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ग्राम कचहरी और पंचायत सरकार भवनों में भी प्रतिनियुक्ति की संभावना बन रही है। उनके इस बयान पर मैदान तालियों से गूंज उठा है।
संगठन विस्तार का संकल्प-
गुरुआ प्रखंड अध्यक्ष कमलेश कुमार ने सदस्यता अभियान तेज करने और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि ग्राम-रक्षा-दल गांवों की सुरक्षा और पंचायत व्यवस्था का मजबूत आधार बनेगा।
कई बड़े चेहरे रहे मौजूद-
इस विशाल कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, मुखिया संघ के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों समर्थक मौजूद रहे हैं।
बिहार की राजनीति में नया संकेत-
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गुरुआ से उठी यह आवाज आने वाले दिनों में पूरे बिहार की पंचायत राजनीति को नई दिशा दे सकती है। अगर यह अभियान सफल हुआ तो ग्राम-रक्षा-दल पंचायत प्रशासन का नया और मजबूत चेहरा बन सकता है।
चर्चा में रहा जोश और अनुशासन-
कार्यक्रम में शामिल हजारों कार्यकर्ताओं की एकजुटता, अनुशासन और जोश ने सबका ध्यान खींचा। गुरुआ की धरती से उठी यह हुंकार अब पूरे बिहार में पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा पर नई बहस छेड़ सकती है।
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