दिल्ली : अशोक वर्मा
- देश भर से बनाये गये 9 राष्ट्रीय उपाध्यक्षो मे विहार से अशोक कुमार वर्मा का चयन हुआ
दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय कार्य कारिणी की बैठक समापन के बाद 19 प्रान्तों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के द्वारा देश की वर्तमान परिस्थितियों में अपने दायित्वों पर गहन मंथन हुआ, मंथन के आधार पर कई अहम निर्णय लिए गए जिसमें स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई कि अन्य देशों के समान भारत के स्वतंत्रता सेनानी परिवार को देश का प्रथम परिवार के रूप मे अगर सरकार मान्यता देकर सभी सुख सुविधा उपलब्ध नहीं कराती है तो संपूर्ण देश के स्वतंत्रता सेनानी परिवार एक नए आंदोलन का शंखनाद करेंगे जो सरकार के लिए काफी महंगा साबित होगा। बैठक में 19 प्रांत से पधारे स्वतंत्रता सेनानी परिवार के परिपक्व व्यक्तित्व वालों ने कई सुझाव दिये।राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र रघुवंशी ने बताया कि कनाडा में 11वीं पीढ़ी के स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्यों को सरकार उनके दरवाजे पर पहुंचकर सभी प्रकार की सुख सुविधा देती है।टैक्स से उन्हे राहत है,चिकित्सा एवं आर्थिक पक्ष पर निगरानी रखती है तथा तमाम सुविधा उपलब्ध करा रही है वैसे दौर में भारत के सिर्फ दो पीढ़ी के स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्यो को सरकार उत्तराधिकारी मान रही है परंतु उन्हें किसी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है जो कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। सम्मेलन में नए संकल्प एवं ऊर्जा के साथ सभी प्रांत से आए हुए प्रतिनिधि वापस लौटे । गुवाहाटी असम में 13-14 सितम्बर में ही माननीय प्रधानमंत्री जी का दौरा होने तथा गुवाहाटी के हमारे संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री द्विजेन्द्र मोहन शर्मा जी द्वारा असम सरकार के माध्यम से पूर्व निर्धारित अधिकार पत्र माननीय प्रधानमंत्री जी तक पहुंचाने का भी अवसर मिला, जिसके सार्थक परिणाम शीघ्र ही दिखाई देंगे।
उपस्थित प्रान्त के पदाधिकारियों के सुझावों पर गहन विचार विमर्श हुआ और देश भर में स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत संगठनों की संयुक्त शक्ति का एहसास सरकार को कराने के लिए एक बार पुनः *राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समन्वय समिति* बनाने के लिए एक और प्रयास करने का निश्चय किया गया, इस समिति में किसी भी राजनीतिक पार्टी से पदाधिकारी के रूप में सम्बद्ध प्रतिनिधि को शामिल नहीं करने का निश्चय किया गया। विधिवत रजिस्टर्ड संगठन प्रमुखों से चर्चा करने के लिए हरियाणा के श्री कपूर सिंह दलाल जी के नेतृत्व में श्री रमेश कुमार मिश्रा बहराइच तथा डॉ. राजा भइया मिश्रा जी की तीन सदस्यीय समिति का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जो एक माह की अवधि में विभिन्न संगठन प्रमुखों से चर्चा करके जानकारी देंगे, तदनुसार जो संगठन इसमें शामिल होने की सहमति देंगे उसकी घोषणा की जाएगी। झूंठे आडम्बर खड़े करके स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को भ्रमित करने वाले, आर्थिक दृष्टि से बदनाम तथा सेनानी परिवारों का शोषण करने वाले व्यक्तियों को समन्वय समिति में स्थान न देने का भी निर्णय लिया गया है।
कुछ प्रान्तों में प्रान्तीय अध्यक्षों तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्षों का भी सर्वसम्मति से चयन किया गया, जो निम्नानुसार हैं-
अध्यक्ष दिल्ली- श्री संजय कुमार सिंह।
अध्यक्ष राजस्थान- श्री विशाल सिंह सौदा।
अध्यक्ष उत्तरप्रदेश- श्री राजेश प्रताप सिंह।
अध्यक्ष बिहार- डॉ अमरनाथ।
अध्यक्ष छत्तीसगढ़- श्री मुरली मनोहर खण्डेलवाल।
अध्यक्ष हरियाणा- श्री कपूर सिंह दलाल।
अध्यक्ष त्रिपुरा- डॉ. दीपा दास।
अध्यक्ष पंजाब- श्री परमजीत सिंह टिवाना।
शेष प्रान्तों के अध्यक्षों का चयन प्रान्तीय बैठकों में किया जाएगा।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों का भी निम्नवत सर्वसम्मति से चयन किया गया।
असम वरिष्ठ उपाध्यक्ष- श्री द्विजेन्द्र मोहन शर्मा।
दिल्ली- श्री गणेश माधवन।
छत्तीसगढ़- श्री चन्द्र प्रकाश वाजपेयी।
उत्तरप्रदेश- श्री मृगांक शेखर आनन्द।
बिहार- डॉ अशोक कुमार वर्मा।
हरियाणा- सूबेदार बिजेन्द्र सिंह ठाकरान।
पंजाब- श्री ज्ञान सिंह सग्गू।
तमिलनाडु- श्री सुन्दर विमल नाथन।
मध्यप्रदेश- श्री कमल अग्रवाल।
शेष प्रान्तों के राष्ट्रीय उपाध्यक्षों का चयन उनके पुरुषार्थ के आधार पर अगली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में किया जाएगा। इस बैठक में अपने अपने प्रान्तों में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने के प्रस्ताव आए, जिन्हें अभी अस्वीकार कर दिया गया है। वर्ष में केवल एक ही बड़ा कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर के आयोजित होंगे, पंजाब में 25-26 अक्टूबर में होने वाले कार्यक्रम को वहाँ की जलप्लावन की भयंकर स्थिति के कारण स्थगित कर दिया गया है। आगामी वर्षों में पंजाब, हरियाणा तथा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय सम्मेलनों के स्वरूप पर विचार विमर्श अगली बैठक में किया जाएगा।
प्रान्तीय उपाध्यक्षों तथा महासचिवों का चयन प्रान्तीय बैठकों में किया जाएगा। अब हर प्रान्त में केवल स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के सक्रिय भाई बहनों की बैठक आयोजित की जाएंगी। विभिन्न प्रान्तों से आए पदाधिकारियों ने अब तक मिल रही सफलता का श्रेय *हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम* अभियान को दिया, सभी ने पूरे देश में इस अभियान को व्यापक बनाने का आग्रह किया।
इस बैठक में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के अध्यक्ष श्री देशबन्धु जी ने अधिक उम्र तथा अस्वस्थता के कारण अपने पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की, जिसे सर्वसम्मति से अस्वीकार करते हुए तब तक इस पद पर बने रहने का आग्रह किया गया, जब तक इस पद को सुशोभित करने वाले पराक्रमी भाई या बहन की तलाश पूरी नहीं होती है, अध्यक्ष के सहयोग के लिए अगली बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। इस बैठक में 23 प्रान्तों से कुल 57 पदाधिकारियों को बुलाया गया था, किन्तु 54 पदाधिकारियों की उपस्थिति रही, 4 प्रान्त के पदाधिकारी अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के कारण प्रत्यक्ष नहीं पहुंच सके, दूरभाष से अपना समर्थन व्यक्त किया।
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव श्री जितेंद्र रघुवंशी ने कहा कि सभी स्वतंत्रता सेनानी संगठन के पदाधिकारियों तथा स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के भाई बहनों से निवेदन हैं कि यह समय अपने ही परिवार के भाई बहनों को बहकाकर राजनीति करने का नहीं है, बल्कि अपनी संयुक्त शक्ति का एहसास सरकार को कराने का है, अतः *हर महीने प्रथम रविवार दस बजे दस मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों शहीदों के नाम* अभियान के माध्यम से एकजुटता का परिचय निश्चित दें।
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