अनूप नारायण सिंह।
मुंबई/बिहार : विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोजपुरी सिनेमा जगत के संघर्षभरे दिनों में पवन सिंह और खेसारी लाल जैसे कलाकारों को पहचान दिलाने वाले, आरा के निवासी और मुंबई में स्थापित फिल्म निर्माता व समाजसेवी अरुण सिंह, जिन्हें भोजपुरिया काका के नाम से जाना जाता है, बहुत जल्द अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) का हाथ थामेंगे।
इस खबर ने न सिर्फ बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में भी खलबली पैदा कर दी है। दो दशकों से अधिक समय से मुंबई में सक्रिय भोजपुरिया काका (अरुण सिंह) ने न केवल फिल्म उद्योग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है, बल्कि मुंबई पलायन कर आने वाले बिहारियों के लिए सहयोग और सहारा भी बने हैं। उनकी गिनती आज मुंबई के बड़े बिल्डरों, फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की मंडली में होती है।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में संघर्षरत कलाकारों को अवसर देने और उन्हें सितारा बनाने में भोजपुरिया काका की भूमिका बेहद अहम रही है। पवन सिंह और खेसारी लाल जैसे सुपरस्टार्स आज भी उन्हें संघर्ष के दिनों का मजबूत साथी मानते हैं।
सूत्र बताते हैं कि भोजपुरिया काका की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पकड़ से जनसुराज अभियान को ज़मीनी स्तर पर नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी।
भोजपुरिया काका (अरुण सिंह) ने अपने करीबी सहयोगियों से बातचीत में कहा है –
“संघर्ष की जमीन से निकले लोग ही असली बदलाव ला सकते हैं। बिहार को आज नई सोच, नई ऊर्जा और ईमानदार नेतृत्व की आवश्यकता है।”
मुंबई और बिहार, दोनों ही जगह इस खबर ने उत्सुकता और रोमांच पैदा कर दिया है। समर्थक इसे जनसुराज के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं।
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