- पटना से वरिष्ठ पत्रकार अनूप नारायण सिंह की बातचीत सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया, बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा से
प्रश्न: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आपकी पार्टी की रणनीति क्या है?
उत्तर (धनंजय कुमार सिन्हा): सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हम किसी समझौते या जोड़-तोड़ की राजनीति में नहीं हैं। हमारा मानना है कि अगर समाज को बदलना है तो पूरी ताक़त के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।
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प्रश्न: आपने 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। क्या यह कदम व्यावहारिक है?
उत्तर: बिल्कुल। जो दल सिर्फ सत्ता पाने के लिए चुनाव लड़ते हैं, उनके लिए यह कठिन लगता है। लेकिन हमारा उद्देश्य है बिहार में नई राजनीति की शुरुआत। हम हर सीट पर योग्य और ईमानदार प्रत्याशी उतारेंगे, जो समाज के बीच से आएंगे।
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प्रश्न: आजकल प्रशांत किशोर खुद को वैकल्पिक राजनीति का चेहरा बता रहे हैं। आप उन्हें कैसे देखते हैं?
उत्तर: प्रशांत किशोर एक राजनीतिक तक (technocrat) हैं, नेता नहीं। वे राजनीति को एक प्रोजेक्ट की तरह चलाना चाहते हैं, जबकि राजनीति जनभावनाओं, संघर्ष और आदर्शों से चलती है। हम राजनीति को समाज परिवर्तन का साधन मानते हैं, न कि मार्केटिंग का टूल।
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प्रश्न: टिकट वितरण में आम तौर पर जातीय और सामाजिक समीकरणों को तरजीह दी जाती है। आपकी पार्टी का क्या रुख है?
उत्तर: हम जातीय समीकरण की राजनीति को नकारते हैं। टिकट का आधार केवल योग्यता, निष्ठा और ईमानदारी होगी। हमें लगता है कि जब तक बिहार जाति की जंजीरों से मुक्त नहीं होगा, तब तक विकास असंभव है।
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प्रश्न: आपने मुचकन्ददुबे आयोग की रिपोर्ट लागू करने की बात कही है। यह क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: दुबे आयोग ने गरीबों और भूमिहीनों को ज़मीन उपलब्ध कराने की स्पष्ट सिफारिश की थी। अगर वह रिपोर्ट लागू होती तो आज लाखों परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलता। हमारी पार्टी सत्ता में आई तो इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू करेगी।
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प्रश्न: गरीब और भूमिहीन परिवारों के लिए आपकी क्या योजना है?
उत्तर: सबसे पहले उन्हें ज़मीन का हक़ दिलाया जाएगा। साथ ही ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता और आत्मनिर्भरता के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। हमारा लक्ष्य सिर्फ़ चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि गरीबी और बेबसी से जूझ रहे परिवारों को एक नई जिंदगी देना है।
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प्रश्न: भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद आज की राजनीति की बड़ी समस्या है। इस पर आपकी नीति क्या है?
उत्तर: भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का अंत करना ही हमारी राजनीति का मूल उद्देश्य है। हम नारा नहीं, आदर्श प्रस्तुत करेंगे। हमारा विश्वास है कि जब नेतृत्व ईमानदार होगा, तभी प्रशासन और व्यवस्था पारदर्शी होगी।
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प्रश्न: जनता को आपकी पार्टी से क्या उम्मीद करनी चाहिए?
उत्तर: जनता हमसे यह उम्मीद कर सकती है कि हम राजनीति को व्यवसाय नहीं, मिशन बनाएंगे। हम भूख, भ्रष्टाचार और अन्याय को समाप्त करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा वादा सिर्फ़ नारों का नहीं, बल्कि ठोस काम का है।
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