डेंगू मरीजों के उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में स्पेशल वार्ड तैयार

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  • सदर अस्पताल में 10 तथा अनुमंडलीय अस्पताल में 5 बेड का बना स्पेशल वार्ड 
  • शहरी क्षेत्र के जलजमाव वाले क्षेत्रों में नगर परिषद करेगा एंटी लार्वा का छिड़काव 
वैशाली। जिले में मानसून के सक्रिय होने और बारिश के कारण हो रहे जलजमाव से डेंगू का खतरा बढ़ चुका है। ऐसे में डेंगू सहित मच्छर जनित अन्य रोगों के प्रसार को कम करने की तैयारी में स्वास्थ्य महकमा जुट गया है। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ गुड़िया कुमारी ने बताया कि वर्षा में डेंगू चिकनगुनिया, मलेरिया सहित मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए रोग नियंत्रण एवं उपचार संबंधी सेवाओं की व्यवस्था दुरुस्त की जा चुकी है। संभावित खतरे को देखते हुए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अलर्ट भी किया जा चुका है। शहरी क्षेत्र में नगर परिषद को पत्र के माध्यम से सभी जलजमाव और नाले में मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए टेमीफोस का छिड़काव के लिए आग्रह भी किया गया है। पूर्व में डेंगू के हॉट-स्पॉट जढ़ुआ एवं औद्योगिक क्षेत्र में नियमित छिड़काव के लिए आग्रह किया गया है।
डेंगू के लिए स्पेशल वार्ड: 
भीडीसीओ नेहाल कुमार ने बताया कि डेंगू मरीजों के उपचार के लिए सदर अस्पताल में 10, अनुमंडल अस्पताल में 5 व सभी पीएचसी में 2 बेड क्षमता वाला विशेष वार्ड बनाया गया है। वर्ष 2023 में 789 और 2024 में 314 मरीज भर्ती हुए थे। कई दिनों तक तेज बुखार, सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द त्वचा पर दाना एवं उल्टी की शिकायत हो तो ये डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी अवस्था में तुरंत ही चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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