कालाजार एवं फाइलेरिया उन्मूलन में अब ग्रामीण चिकित्सकों का मिलेगा सहयोग

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  • ग्रामीण चिकित्सक का कालाजार एवं फाइलेरिया पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण किया गया
  • खोजे जाएंगे कालाजार के छुपे मरीज
शिवहर।  शुक्रवार को कालाजार, फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत तरियानी प्रखंड में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ग्रामीण चिकित्सकों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर ओम प्रकाश ने किया। इस बैठक में ग्रामीण चिकित्सक एवं पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर रोहित कुमार, भीबीडीएस बृजकिशोर कुमार एवं कार्यक्रम पदाधिकारी संचारी रोग नवीन कुमार मिश्रा के द्वारा बताया गया कि कालाजार मादा संक्रमित बालू मक्खी के काटने से फैलती हैं जो नमी वाले स्थान यथा गौशाला, पूजा घर, शयनकछ एवं घरों की अंदर में 6 फिट की उचाई तक रहती हैं। जिसके लिए वर्ष में दो बार नियमित सिंथेटिक पाईरोथाइरॉइड का छिड़काव करवाया जाता हैं, जिससे बालू माखी मरती हैं।
 कालाजार के लक्षण जैसे- 15 दिनों से अधिक बुखार आ रहा हो और दवा खाने के वावजूद ठीक नहीं हो रहा हो। खून की कमी। तिल्ली बढ़ जाना। चमरे का रंग काला परना। चमरे पे चकता या सफेद दाग हो जाना। इस तरह के रोगी पाये जाने पर तुरंत उनका इलाज किया जायेगा जिससे की कालाजार उन्मूलन मे मदद होगी। कार्यक्रम का लक्ष्य कालाजार के छुपे हुए मरीजों की खोज करना है। साथ ही संभावित कालाजार एवं फाईलेरिया  के मरिजो को जल्द से जल्द पहचान कर समुचित इलाज के लिए प्रेरित करे जिससे कि हम कालाजार उन्मूलन एवं इसके फैलाओ को रोक सके साथ ही रोगी को इलाज के लिए प्रेरित करने वाले लोगों को भी 500 की राशि दी जायेगी एवं कालाजार मरीज को 7100 की राशि  दी जायेगी। ताकि उनका स्वस्थ्य ठीक हो।
साथ ही फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग करने, गलत भ्रांतियां उल्टी, दस्त, चकर आने जैसे लक्षणों से बचाव करने और फाईलेरिया मरीज को एच एस सी पर बुलाकर एम एम डी पी कीट देनें और फाईलेरिया रोगी को इस कीट के माध्यम से रख रखाव करने के बारे में बताया गया। साथ ही
जारूकता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रचार प्रसार हेतु सभी ग्रामीण चिकित्सक को  सहयोग करने हेतू बताया गया अंत में सभी का सहयोग हों तो हम स्वस्थ पंचायत कर विकसित भारत बनाये साथ ही सभी को धन्यबाद ज्ञापन दिया गया।
ग्रामीण चिकित्सकों से अनुरोध किया गया कि संभावित कालाजार एवं फाईलेरिया के मरिजो को जल्द से जल्द पहचान कर समुचित इलाज के लिए प्रेरित करे जिससे कि हम कालाजार उन्मूलन एवं इसके फैलाओ को रोक सके।  साथ ही फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग करने, सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान गलत भ्रांतियां उल्टी, दस्त, चक्कर आने जैसे से बचाव करने के बारे में बताया गया। जारूकता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रचार प्रसार हेतु सभी ग्रामीण चिकित्सक से सहयोग करने हेतू अपील किया गया। अंत में बताया गया कि सभी का सहयोग हों तभी स्वस्थ पंचायत और विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी।
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