गया जी की धरती पर सिंदूर महायज्ञ ने रचा इतिहास, सुहासिनियों का दिखा उत्साह

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  •  ललिता सहस्त्रनाम से हुआ 6.50 करोड़ बार सिंदूर अर्चन
  •  गाजे-बाजे के साथ माता ललिता की प्रतिमा हुई विसर्जित
गयाजी।धर्मसभा भवन में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में तीसरे दिन श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ में 6 करोड़ 50 लाख सिंदूर की आहुतियाँ सुहासिनी महिलाओं और श्रद्धालुओं के द्वारा दिया गया। अंतिम दिन सोमवार को पूर्णाहुति के साथ ही तीन दिवसीय कुमकुमार्चन महायज्ञ संपन्न हो गया है।
महायज्ञ में लघु सिंचाई मंत्री संतोष कुमार सुमन,संत वेंकटेश प्रपन्नाचार्य,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक उपेंद्र त्यागी,बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा मिश्रा,पूर्व सांसद धीरेंद्र अग्रवाल,पूर्व विधान पार्षद लालबाबु प्रसाद,पुष्पा माँझी,राज्य महिला आयोग की सदस्य पिंकी कुशवाहा,श्यामा सिंह,अनिल स्वामी,हरिप्रपन्न पप्पु,लव कुमार सिंह,सोनु मिश्रा,रजनीकांत शुक्ला,अनिकेत झा,राजमणि सिंह,मनीष कश्यप,राजीव राय अप्पू,सत्येंद्र सिंह बिशेन,अर्चना भट्ट सहित अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।
तीन करोड़ आहुतियों के ध्येय से आहुत महायज्ञ में श्रद्धालुओं के भारी भीड़ के बीच 6 करोड़ 50 लाख बार आहुतियाँ दी गई।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की गयाजी की पवित्र धरती पूरे मगध प्रमंडल के लोगों का अपार समर्थन प्राप्त हुआ।स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की माता ललिता से पूरे संसार के कल्याण हेतु प्रार्थना करता हूँ।लघु सिंचाई मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा की सनातन धर्म हमारा मूल है।सिंदूर महायज्ञ से प्रत्येक देशवासी को आशीर्वाद मिलेगा। सुमन ने कहा की राज्य के प्रत्येक गाँव में भगवती ललिता का महायज्ञ होना चाहिए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आपरेशन सिंदूर के माध्यम से न्याय हुआ है और बिहार में सिंदूर से जो यज्ञ होद रहा है इससे गरीब कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा का संचार होगा।संत वेंकटेश प्रपन्नाचार्य ने कहा की गयाजी की धरती पर सिंदूर महायज्ञ ने इतिहास रच दिया है।
तीन दिवसीय सिंदूर महायज्ञ में 6.50 करोड़ बार ललिता सहस्रनाम का पाठ किया गया है। सुहासिनी महिलाओं ने सिंदूर से अर्चन कर राष्ट्र के सुख समृद्धि की मंगल कामना की है।  हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच चावल के खीर और सिंदूर की आहुतियां दी गई है। इसके बाद बैंड-बाजे के साथ माता ललिता को रुक्मिणी सरोवर में विसर्जित की गई। राज्य के पर्यटन मंत्री राजू सिंह ने  रुक्मिणी सरोवर में माता ललिता की आरती कर विदाई दी है।
सिंदूर महायज्ञ को सफल बनाने में युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, महंत श्री वेंकटेश  प्रपन्नाचार्य,हरि प्रपन्ना उर्फ पप्पु,मधु शर्मा,अनिल स्वामी,हरिप्रपन्ना उर्फ पप्पू जी, शिव कैलाश डालमिया, युवा समाजसेवी प्रमोद कुमार भदानी,मणिलाल बारीक, रामकुमार बारिक, धर्मेंद्र सिंह टिब्लू, अनंतधीश अमन, ऋषिकेश गुर्दा, डा करुणा सिंह,अश्वनी कुमार आदि लोग शामिल हैं।
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