- प्रोजेक्ट स्कूल की छात्राओं ने कबड्डी में किया शानदार प्रदर्शन, मेजबान मधुबन को दी मात
अशोक वर्मा
मोतिहारी : उच्च विद्यालय, मधुबन के प्रांगण में चल रहे तीन दिवसीय मशाल खेल प्रतियोगिता का समापन शनिवार को उल्लासपूर्ण और गरिमामय वातावरण में हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम दिन का माहौल रोमांच और उत्साह से भरा रहा। मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर राणा रणधीर सिंह ने विजेता टीमों को पुरस्कार वितरित किए और अपने प्रेरणादायी संबोधन से सभी प्रतिभागियों और शिक्षकों को उत्साहित किया।
मुख्य अतिथि राणा रणधीर ने अपने संबोधन में कहा, “खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम, सहयोग और नेतृत्व जैसे जीवनमूल्य सिखाने का माध्यम है। एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण खेलों के माध्यम से ही संभव है।” उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेलों से जीवन में संतुलन आता है और यह शिक्षा का पूरक है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के भविष्य का निर्माण उनके हाथों में है, इसीलिए उन्हें ‘राष्ट्र निर्माता’ कहा जाता है।
बालिकाओं का रहा दबदबा, प्रोजेक्ट स्कूल ने मारी बाज़ी
प्रतियोगिता के तीसरे दिन बालिकाओं ने दमदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय की अंडर-16 छात्राओं ने कबड्डी के फाइनल में मेजबान मधुबन उच्च विद्यालय की टीम को 26-20 अंकों से पराजित कर विजयी ट्रॉफी अपने नाम की। इसी प्रकार अंडर-14 वर्ग में भी प्रोजेक्ट की बालिका टीम ने मधुबन बालक टीम को 25-18 के अंतर से हराकर प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम रखा।
कार्यक्रम की गरिमा और व्यवस्थाएँ
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी सीमा कुमारी ने की, जबकि मंच संचालन का दायित्व डॉ. राकेश कुमार सिंह ने प्रभावशाली तरीके से निभाया। प्रतियोगिता के आयोजन में शिक्षकों, छात्रों और स्थानीय समुदाय का भरपूर सहयोग देखने को मिला।
विशिष्ट शिक्षक उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय के अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से –
खेल शिक्षक अशोक कुमार, अरुण यादव, शिवशंकर साह, संतोष कुमार, भारती कुमारी, अजय कुमार, नीतीश मिश्रा, स्वीटी सिंह, मोहम्मद सोहैल, अचला रानी, पूजा सिंह, कृष्ण कुमार चौधरी, सुप्रिया, मनीषा मृदुला, स्मिता, नूतन, शिवानी, संत कुमार सिंह, कौशल गौतम, राजकुमार, विजय कुमार, शशिशेखर, अशोक राम, लखींद्र यादव और देवकांत राम शामिल थे।
135
