अशोक वर्मा
मोतिहारी : चंपारण की भूमि को संघर्ष की भूमि कहा जाता है 1 857 सिपाही विद्रोह की चिंगारी सुगौली में गिरी थी और आजादी के दीवानों ने कई अंग्रेज पुलिस अफसरो को मार गिराया था। 1857 की इस घटना के बाद अंग्रेजों का अत्याचार इतना काफी बढ गया कि 1900 ईशवी तक कोई बडा आदोलन नही हुआ ,हां आग अंदर ही अंदर सुलगता रहा। पंडित राजकुमार शुक्ला,शेख गुलाब, शीतल राय,पीर मोहम्मद मुनिश की चौकडी अंग्रेजो के नाक मे दम कर दिया था।चंपारण के आंदोलनकारी निर्णायक लड़ाई लड़ना चाहते थे।सभी ने मिलकर राजकुमार शुक्ला को गांधी जी को चंपारण बुलाने हेतु भेजा।राजकुमार शुक्ला लगातार गाधी जी के पीछे लगकर उनको मोतिहारी की धरती पर लाने मे सफलता प्राप्त की।बापू के नेतृत्व मे सफल चंपारण सत्याग्रह हुआ।आजादी के बाद चंपारण मे कई जुझारू नेता उभरे जिनके नेतृत्व मे संघर्ष का लंबा दौर चला।इसी संघर्षशील लोगो मे बीरेन्द्र प्रसाद सिंह कुशवाहा बडे नेता के रूप मे उभरे और जनता के सवाल पर लगातार लडते रहे।अनेक मुकदमो को झेलते हुये भ्रष्टाचार, दमन और शोषण का जमकर विरोध करते रहे। इनके जुझारूपन एवं सेवा भाव को देखते हुए बिहार सरकार में इन्हे मंत्री का पद भी मिला और शिक्षा राज्य मंत्री के रूप में इन्होंने बिहार के लिए बहुत कुछ किया। लंबे समय से जनता की सेवा में लगातार जुटे हुये है।ये लगातार नरकटिया विधानसभा क्षेत्र की जनता के दुख सुख की सुधी लेते आ रहे तथा सरकारी सुविधाएं दिलाने में बराबर योगदान देते रहे है।इनकी विशेष सेवा एवं दृढ़ता के कारण जनता दल यू में इन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाया गया और नीतीश कुमार के मजबूत सिपाही के रूप में इनकी प्रसिद्धि हुई। ये लगातार अपने क्षेत्र में सभा करते रहे तथा नीतीश जी द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्य की जानकारी लोगों को देते रहे। अपने क्षेत्र में एक एनजीओ के माध्यम से बुद्ध विचार का भी प्रचार कर रहे हैं। सांप्रदायिक सद्भाव तथा आपसी भाईचारा का संदेश लेकर ये लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। इन्होंने पदयात्रा भी की और पदयात्रा कर आम लोगों की समस्याओं को करीब से देखा जाना और समझा।वर्तमान समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अति विश्वसनीय पात्र बन प्रदेश ने अब तक जो कुछ भी विकास किया है उसकी सूची जनता तक पहुंच रहे हैं ।जनता इनको सर आंखों पर रख रही है।ये नीतीश कुमार के बहुत से विकासात्मक कार्यों की जानकारी सभी को दे रहे है। इनसे आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में पूछने पर इन्होंने बताया कि मैं एक राजनीतिक व्यक्ति हूं जनता मेरी पूंजी है और मैं जानता हू कि जनता ही मालिक होती है ।मैं जनता की सेवा हमेशा किया हूं ,कर रहा हूं और करता रहूंगा। नीतीश जी अगर जहां भी हमें जिस पद पर भेजेंगे मैं वहां जाऊंगा मैं उनका एक अदना सा सिपाही हू। उन्होंने बड़े ही चालाकी से चुनाव लड़ने की बात को टाल दी लेकिन क्षेत्र की जनता से जब संपर्क किया गया तो जनता उनकी सेवा, परिश्रम और संवेदनशीलता को देखते हुए जवाब दी कि जनता दल यूनाइटेड से अगर उन्हें टिकट मिलता है और ये एनडीए के कैंडिडेट होते हैं तो यहा रिकॉर्ड मतों से जीतेंगे, क्योंकि पश्चिम चंपारण लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाला नरकटिया विधानसभा क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र है और सासद डॉक्टर संजय जयसवाल का आशीर्वाद इन्हे प्राप्त है ।वैसे अगर इन्हे टिकट मिलती है तो यह सीट एनडीए की झोली में निश्चित जाएगी और बहुत अच्छे मतों से वीरेंद्र कुशवाहा जी निकलेंगे।
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