- इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी
बेतिया : डायरिया एक गंभीर रोग है, जिसका तुरंत इलाज आवश्यक होता है। यह रोग मुख्यतः दूषित पानी एवं खाद्य पदार्थों के सेवन से होता है। डायरिया से बचाव एवं उसकी रोकथाम को लेकर जनसमुदाय क़ो जागरूक करने के उद्देश्य से आशा व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है। यह कहना है जिले के सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार का। उन्होंने बताया कि गर्मी एवं बीच मौसम में बरसात होने से डायरिया पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून महीने में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा चलाया जाता है जिसमें आशा अपने क्षेत्र के सभी पांच वर्ष से छोटे बच्चों के अभिभावकों को इस सम्बन्ध में जानकरी देती है। साथ ही इसकी रोकथाम के लिए ओआरएस पैकेट व जिंक की गोली भी वितरित करती है ताकि बच्चे इस बीमारी से बच सकें।
इस सम्बन्ध में कमलनाथ तिवारी अनुमण्डलीय अस्पताल, बगहा के उपाधीक्षक डॉ अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल में आने वाले महिलाओं व आमलोगों क़ो स्वच्छता के बारे में बताया जाता है। उन्हें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बताया जाता है कि डायरिया मुख्यतः गंदे हाथों से भोजन करने, संक्रमित व्यक्ति के मल में मौजूद रोगाणुओं से दूषित पानी या खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर फैलता है। इसलिए खाने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। माताएं अपने नवजात बच्चों क़ो भी साफ हाथ से छुए। उनको भी साफ वस्त्र पहनाए। यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है।
सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज उपलब्ध-
डॉ तिवारी ने बताया कि डायरिया से बचाव के लिए साफ, स्वच्छ, मौसमी फलों का सेवन करें. पानी खूब पिएं। बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं, संतुलित आहार दें। वहीं इसके लक्षण अगर किसी बच्चे में दिखाई दें तो उसे तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में 24 घंटे के दौरान तीन या उससे अधिक बार पानी जैसा दस्त आना डायरिया है। इसका सबसे सामान्य कारण है प्रदूषित पानी, खान-पान में गड़बड़ी और आंत में संक्रमण। डायरिया से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिसे डिहाईड्रेशन कहते हैं। इससे शरीर में कमजोरी आ जाती है और अगर समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की मृत्यु भी हो सकती है।
डायरिया के लक्षण:
– जी मिचलाना
– पेट में मरोड़
– लूज मोशन
– सूजन
– डिहाइड्रेशन
– बुखार
– मल में खून आना
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