- पूजहां पटजिरवा वार्ड न. 8 मे छिड़काव कर्मियों क़ो प्रशिक्षण देते हुए कई घरों मे किया सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव
- बालू मक्खी के उन्मूलन हेतु 06 फिट तक होता है छिड़काव
बेतिया : जिले में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग करते हुए भीबीडीएस प्रकाश कुमार ने खुद से सिंथेटिक पैराथायराइड छिड़काव की कमान संभाल लीं। इस सम्बन्ध में जिले के भीबीडीएस प्रकाश कुमार ने कहा की बैरिया प्रखंड के पूजहां पटजिरवा ग्राम, वार्ड न. 08 मे छिड़काव कर्मियों क़ो प्रशिक्षण देते हुए 20 से अधिक घरों मे सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव किया। उन्होंने बताया की दलकर्मियों क़ो प्रशिक्षण देने के दौरान कुछ दलकर्मी के अनुपस्थित होने पर 60 दिवसीय कालाजार छिड़काव अभियान क़ो पूर्ण करने हेतु उचित मात्रा में घोल बनवाकर दवा का छिड़काव किया। उन्होंने बताया की बालू मक्खी के उन्मूलन क़ो लेकर प्रशिक्षित दलकर्मियों के द्वारा सिथेटिक पाइरोथाइराइड का छिड़काव 12 प्रखंडो के 28 गाँव के 03 लाख 28 हजार 177 की आबादी में 62 हजार 739 घरों, 1 लाख 83 हजार 650 कमरों में किया गया जो 18 फ़रवरी से शुरू होकर 03 अप्रैल तक कराया गया है ताकि बालू मक्खी क़ो समाप्त किया जा सकें। यह छिड़काव घरों में 06 फिट तक होता है। जिले में दवा का छिड़काव उन चयनित महादलित बस्तियों एवं झुग्गी-झोपडी वाले स्थलों पर संचालित किया जाता रहा है जहाँ बालू मक्खी का प्रभाव पूर्व में रहा है। भीबीडीएस प्रकाश कुमार ने बताया की 03 मई तक छिड़काव किया गया ताकि लोग कालाजार रोग से बच सकें। उन्होंने बताया की प्रखण्डों के स्वास्थ्य केंद्रों को दवा, बैनर, पोस्टर उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रकाश कुमार ने बताया कि कालाजार छिड़काव अभियान में भीबीडीएस प्रकाश की पहल सराहनीय है अगर स्वास्थ्यकर्मी ऐसे ही अपने मन के अंदर ठान लें, तो निश्चित ही आने वाले समय में जिला कालाजार से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने बताया की वर्ष 2021 में 11 भीएल 9 पीकेडीएल के 2022 में 5 भीएल 7 पीकेडीएल, 2023 में 6 भीएल 2 पीकेडीएल, 2024 में 2 भीएल 2 पीकेडीएल वहीं 2025 में अभी तक 02 मरीज मिले है। छिड़काव के वक्त इन बातों पर ध्यान देना आवश्यक है की घर की दीवारों में पड़ी दरारों को भर दें, खाने-पीने के सामान, बर्तन, दीवारों पर टंगे कैलेंडर आदि को बाहर कर दे, भारी सामानों को कमरे के मध्य भाग में एकत्रित कर उसे ढक दें। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि कालाजार के संपूर्ण उन्मूलन के लिए जागरूकता जरूरी है। इसके लिए सरकार की तरफ से आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि के रूप में 100 रुपये अतिरिक्त दिए जाते है। क्षतिपूर्ति के रूप में कालाजार के मरीजों को सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है।
कालाजार के लक्षण:
रुक-रुक कर बुखार आना, भूख कम लगना, शरीर में पीलापन और वजन घटना, तिल्ली और लिवर का आकार बढ़ना, त्वचा-सूखी एवं पतली होना और बाल झड़ना कालाजार के मुख्य लक्षण हैं। इससे पीड़ित होने पर शरीर में तेजी से खून की कमी होने लगती है।
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