- स्व.सुशील मोदी की धर्मपत्नी जेसी सुशील मोदी ने राष्ट्रपति भवन में ग्रहण किया सम्मान
अशोक वर्मा
मोतिहारी/पटना : राजनीति के ज़रिए बिहार के विकास को नई दिशा देने के लिए आजीवन प्रयत्नशील रहे सुशील कुमार मोदी को मरणोपरांत सोमवार को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जेसी सुशील मोदी ने माननीय राष्ट्रपति के हाथों से ग्रहण किया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद श्रीमती मोदी ने कहा कि यह पूरे बिहार का सम्मान है।श्रीमती जेसी मोदी और उनके पुत्र अक्षय ने इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व बिहार के मुख्यमंत्री तथा दोनों उपमुख्यमंत्रियों का आभार जताते हुए कहा है कि इस सम्मान से भाजपा के लाखों समर्पित कार्यकर्ताओं का आत्मगौरव बढ़ेगा।
श्रीमती मोदी का कहना है, “…सुशील मोदी ने समाज के विभिन्न तबकों व लोगों के बीच काम किया और बिहार के विकास के लिए कई सामाजिक कार्य किए, जिनमें अस्पतालों और गरीब लोगों की मदद करना भी शामिल था।” विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए… यह सम्मान उनके निधन से मिले लोगों के घावों पर दवा के रूप में भी काम करेगा और प्रेरणा का स्रोत बनेगा। खासकर उन युवाओं के लिए जिन्हें लक्ष्य निर्धारित करने और दिशा देने के लिए नेताओं की आवश्यकता होती है।
श्रीमती मोदी ने कहा कि मरणोपरांत सुशील कुमार मोदी को पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित करना दरअसल सुशील मोदी की पांच दशकीय सार्वजनिक व राजनीतिक जीवन के समर्पण व सद्कार्य की पहचान का सम्मान है। इस सम्मान से भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं व सुशील मोदी को चाहने वालों के साथ मेरा परिवार भी हर्षित है। सुशील मोदी के इस सम्मान को बिहारवासियों को समर्पित कर मुझे अतिशय प्रसन्नता होगी,क्योंकि उनका सम्पूर्ण समर्पण बिहार के प्रति था। सर्व विदित है कि छात्र जीवन से ही सुशील मोदी सामाजिक कार्य मे सक्रीय रहे थे। 1974 के छात्र आंदोलन मे इनकी मुख्य भूमिका थी।विहार मे हुये पशुपालन घोटाला को इन्होने ही उजागर किया था।उप मुख्य मंत्री के पद पर रहकर विहार के विकास की गति को तेज किया था।
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