- सीएस ने अधिक से अधिक जांच की अपील की
सीतामढ़ी। शुक्रवार को अनुमंडल अस्पताल, बेलसंड मे “विश्व मलेरिया दिवस” मनाते हुए सभी चिकित्सकों, एएनएम, पारा मेडिकल कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया कि जिला ने मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है, फिर भी हमें इसके लिए सतत सतर्क व प्रयत्नशील रहना है। हमे इसके बचाव के लिए लक्षण दीखते ही शीघ्र जांच व त्वरित उपचार के लिए तैयार रहना है। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, डॉ रवीन्द्र कुमार यादव और बेलसंड के अनुमंडल पदाधिकारी ललित कुमार द्वारा संयुक्त दीप प्रज्वलित कर किया गया। डॉ यादव ने दृश्य-श्रव्य माध्यम से मलेरिया के कारण, लक्षण, जांच एवं उपचार पर प्रकाश डालते हुए आशा कार्यकर्त्ताओं/एएनएम से सभी बुखार के मरीजों का रक्तपट संग्रह कार्यक्रम के लिए आह्वान किया और बताया कि इसके लिए सरकार की ओर से 15₹ प्रति स्लाइड व धनात्मक परिणाम आने पर 200₹ प्रति मरीज प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। मलेरिया जांच हेतु रैपिड डायग्नॉस्टिक टेस्ट किट भी सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे उपलब्ध हैं और उपचार के लिए दवाएं भी उपलब्ध हैं।
उक्त अवसर पर सिविल सर्जन ने मुंगेर के अपने अनुभव को साझा करते हुए और बताया कि आप सभी भाग्यशाली हैं कि सीतामढ़ी मे मलेरिया का उन्मूलन हो चुका है। कुछ जिलों मे तो आज भी मलेरिया एक चुनौती है। अनुमंडलाधिकारी ने मलेरिया से बचाव हेतु व्यवहार परिवर्तन पर बल देते हुए आवास के आसपास सफाई, जल जमाव को रोकने और मच्छरदानी के उपयोग की अपील की ।
उक्त अवसर पर एएनएम स्कूल की छात्राओं, आशा कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ हेमन्त कुमार, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मनोज कुमार, अस्पताल प्रबंधक व अन्य अधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित थे। बताते चलें कि सभी प्रखंडो मे भी ” विश्व मलेरिया दिवस ” मनाया गया है।
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