अशोक वर्मा।
मोतिहारी : हनुमान जी की आराधना करने से मिलती है अष्ट सिद्धि और नवनिधि! भगवान राम के परम भक्त और भगवान शिव के 11 वे अवतार हनुमान जी की जयंती शनिवार के दिन पड़ने से इसके महत्व कई गुना बढ़ गए है। आज के दिन हनुमत उपासना और साधना करने से बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है उक्त बातें हनुमान जयंती के अवसर पर देवराहा बाबा गुरुकुल आश्रम में आराधना व्यास रामचंद्र साह ने आयोजित हनुमान आराधना के अवसर पर कही। गुरुकुल आश्रम में हनुमान जी के प्रति मूर्ति का फूलों से श्रृंगार किया गया भजन कीर्तन हनुमान आराधना के आयोजन के साथ भंडारा का आयोजन किया गया! मौके पर डा जय गोविंद प्रसाद, अशोक कुमार सिंह, राम भजन, विनय कुमार शर्मा, रंजीत कुमार, रंजन कुमार, दिलीप केसरी पप्पू कुमार आदि लोग उपस्थित रहे वहीं हिंदी बाजार स्थित मीठा पट्टी हनुमान मंदिर में 50 वें वर्ष में हनुमान जयंती के अवसर पर नगर भ्रमण के लिए शोभा यात्रा दिव्य झांकी के साथ निकाली गई , जो हिंदी बाजार, बनिया पट्टी ,मेन रोड होते हुए ज्ञान बाबू चौक से पुनः मंदिर परिसर में आकर जय श्री राम के जय घोष के साथ महिला एवं पुरुष हाथों में ध्वज लिए बैंड बाजों और गोपाल शर्मा के भजनों पर झूमते हुए शोभायात्रा में सम्मिलित हुए! जहां कई जगह शोभा यात्रा का लोगो फूलों की वर्षा कर और शरबत पिलाकर स्वागत किया, रथ पर सवार हनुमान जी और श्री राम दरबार की झांकी का पूजन और आरती जगह-जगह किया गया स्वर्णकार संघ द्वारा द्वारा देवी स्थान के पास शोभा यात्रा का अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार स्वर्णकार के नेतृत्व में स्वागत किया गया बजरंग मित्र मंडल समिति के सचिव गणेश जायसवाल ने बताया कि संध्या में ज्योत के साथ 56 भोग का आयोजन किया गया ! और गोरखपुर से पधारे कलाकार संजीत सैनी और कोलकाता के अभिषेक शर्मा द्वारा रात्रि 8:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक जागरण ज्योति का आयोजन किया गया जिसमें रात भर भजनों पर भक्त झूमते रहे और कलाकारों ने भक्तों को भाव विभोर कर दिया, वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे प्रभु मन बसिया रे, वहीं दुनिया में देव हजारों हैं बजरंगबली का क्या कहना उनकी भक्ति का क्या कहना, साथ ही बाला तेरे चरणों में रहे ध्यान हमारा, कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष विजय कुमार, संजय कुमार उर्फ पुच्ची कुमार, भूषण कुमार प्रभात कुमार, गुड्डू कुमार, शंभू प्रसाद, जैकी कुमार, सुमित कुमार , राम भजन आदि लोग लगे रहे!
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