अशोक वर्मा
मोतिहारी : देवरहा बाबा गुरुकुल आश्रम मे चल रहे 54 में सद्गुरु महायज्ञ एवं संगीत में श्री राम कथा के पांचवें दिवस राष्ट्रीय संत छोटे बापूजी महाराज ने अपने प्रवचन में भक्तों को बताया कि
सारा संसार चराचर भगवान के बस में है परंतु भगवान भक्तों के बस में होते हैं जैसे हनुमान जी भगवान को अपने बस में करके रखते हैं
अपने बस करि राखेउ रामू
भाव से भगवान को बस किया जा सकता है इसलिए अपने अंतःकरण में भाव प्रेम की प्रतिष्ठा करना चाहिए
भाव की ही प्रधानता है दशरथ कौशल्या जी के जीवन में जो परमात्मा विराट है सर्व समर्थ है वह बालक बनाकर के आज कौशल्या जी के गोद में खेल रहे हैं यह प्रेम ही तो है
जहां प्रेम है वहीं परमात्मा है और जहां प्रेम नहीं है वहां सब पराया है
जहां भाव है वही भगवान है जहां भाव नहीं है वहां भय है जहां विश्वास है वही ब्रह्म है जहां विश्वास नहीं है वहां भ्रम है संत श्री ने कहा कि
राम कथा कहती है विश्वास प्रेम भाव से युक्त होकर भगवान की उपासना करना चाहिए
संसार को संबंध की मधुरता का दर्शन करते हुए भगवान ने बड़ी सुंदर बाल लीलाएं की माता कौशल्या भगवान श्री राम की सेवा स्वयं करती हैं भगवान है इस भाव से नहीं पुत्र भाव से क्योंकि जो माता अपने संतान की सेवा अपने हाथों से करती है वह संतान बड़ा होकर के अपने हाथों से माता-पिता की सेवा करता है
कई लोग कहते हैं भगवान का दर्शन हो सकता है क्या ऐसे में वेद पुराण उपनिषद सब एक स्वर में रहते हैं हां हो सकते हैं पर पहचान के लिए आपके पास दृष्टि होना चाहिए भगवान एक नहीं अनेक रूप से हमारे आपके घर-घर में विराजमान है बस देखने के लिए आप चाहिए वेद भगवान कहते हैं माता-पिता गुरु यह भगवान के ही स्वरुप है बस हमें हमारी भावना उनके प्रति भक्ति से युक्त हो
मातृ देवो भव
पितृ देवो भव
आचार्य देवो भव
अतिथि देवो भवः
भगवान के तीन गुण बताए गए हैं उत्पत्ति करना पालन करना संघार करना इस शरीर को उत्पन्न माता-पिता ने किया है पालन माता-पिता ने किया है जीवन के दोष दुर्गुणों का संघार माता-पिता के द्वारा होता है तो क्या माता-पिता भगवान नहीं हुए इसलिए भगवान श्री रामचंद्र ने माता-पिता गुरु को प्रणाम करके जगत को बताया कि तुम भी उनकी सेवा इनको प्रसन्न करके भगवान के दर्शन, भगवान की सेवा का फल प्राप्त कर सकते हो अपने माता-पिता को भागवत रूप मानकर के उनकी सदा सेवा करें विश्वामित्र जी की यज्ञ की रक्षा भगवान करते हैं मिथिला में भगवान का आगमन हुआ जनक जी ने अतिथि बनाकर उनका सतकार किया! आज के श्री राम नाम संकीर्तन सीता देवी ओंकार नाथ जालान सेवा संस्थान के विनोद जालान आयोजक रहे, वहीं आज के श्री राम कथा के यजमान मधु पदमा श्रीमद् भागवत कथा के आयोजक अमित कुमार ने सपत्नीकनी व्यास पूजन किया और पांचवें दिवस के श्री राम कथा का विधिवत दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ मोतिहारी चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अंगद सिंह ,आश्रम अध्यक्ष विनय कुमार शर्मा सचिव डॉक्टर जय गोविंद प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया,
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