अशोक वर्मा
मोतिहारी : असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हक और अधिकारों को लेकर वर्किंग पीपुल्स कोलिशन द्वारा आयोजित अखिल भारतीय श्रमिक सम्मान यात्रा का मोतिहारी में भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा असंगठित श्रमिकों की 25 सूत्री मांगों को लेकर विभिन्न राज्यों से होते हुए बिहार के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए आज मोतिहारी पहुंची। यात्रा का उद्देश्य कामगारों के मुद्दों पर जनसंवाद और जागरूकता फैलाना है।
पूर्वी चंपारण के विभिन्न सामाजिक संगठनों जैसे जस्टिस डेमोक्रेटिक फोरम और वर्किंग पीपुल्स कोलिशन के संयुक्त तत्वाधान में डॉ भीम राव अंबेडकर कचहरी चौक पर श्रमिक सम्मान यात्रा के साथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और आयोजकों ने श्रमिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष का आह्वान किया। जनसभा में आयोजक विद्यानंद राम, पारस राम, अमर सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा की।
विदित हो कि बिहार में लगभग 96% असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हैं, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन आज भी उन्हें उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, भूमि, आवास और अन्य बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है। इस संदर्भ में वर्किंग पीपुल्स कोलिशन ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए विशेष मांगपत्र तैयार किया है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करना और सरकार से उनके हक के लिए सशक्त कदम उठवाना है।
जनसभा में पंकज श्वेताभ ने श्रमिकों को उचित मजदूरी और सुरक्षा की मांग की, जबकि सौरभ कुमार ने भूमिहीन गरीब कामगारों के लिए आवासीय भूमि अधिकार की आवश्यकता जताई। अमर सिंह ने पूर्वी चंपारण के भूमिहीन दलित परिवारों के लिए भूमि अधिकार पर जोर दिया और प्रशासन के साथ लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करने की अपील की।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक विद्यानंद राम ने श्रमिकों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और सरकार से उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग की।
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