गया।इमामगंज और रानीगंज क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों और अवैध नर्सिंग होम की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। हाल ही की एक घटना ने फिर से इस मुद्दे को सतह पर ला दिया है, जहाँ एक महिला मरीज के साथ न केवल वित्तीय शोषण किया गया बल्कि उसकी जान को भी खतरे में डाला गया। बावजूद इसके, प्रशासन की चुप्पी और लापरवाही सवाल खड़े करती है।इमामगंज नगर पंचायत के रानीगंज क्षेत्र में एक महिला, जिसे बच्चादानी की समस्या थी, डॉक्टर उपेंद्र कुमार के निशु नर्सिंग होम में इलाज के लिए पहुंची। डॉक्टर ने पहले ऑपरेशन का खर्चा ₹15,000 बताया, लेकिन बाद में अल्ट्रासाउंड कराने के बाद यह राशि ₹35,000 कर दी गई। ऑपरेशन के बाद महिला से ₹75,000 की मांग की गई और पैसे न देने पर उसे अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई है।महिला तीन दिनों तक तड़पती रही, लेकिन उसकी देखभाल सही से नहीं की गई। यूरिन ट्यूब तक नहीं निकाला गया, और महिला की हालत बिगड़ती गई है। जब मामला स्थानीय चैनल “सच बिहार” के संज्ञान में आया, तब जाकर डॉक्टर से बातचीत और झगड़े के बाद मरीज को छुट्टी दी गई है।यह घटना कोई नई नहीं है। इमामगंज-रानीगंज क्षेत्र में निशु नर्सिंग होम में हमेशा मरीजों से अवैध पैसा और मरीजों के जान जाती रहती है।ऐसे कई फर्जी डॉक्टर और अवैध नर्सिंग होम धड़ल्ले से काम कर रहे हैं। बिना किसी वैध लाइसेंस और चिकित्सा योग्यता के, ये डॉक्टर गरीब मरीजों से मनमानी रकम वसूलते हैं। आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं, जहाँ ऑपरेशन के दौरान या बाद में मरीजों की मौत हो जाती है, फिर भी इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से ये अवैध नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई छापेमारी नहीं की है, जिससे इन फर्जी डॉक्टरों का हौसला और भी बढ़ गया है।
क्षेत्र के कई लोगों ने इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई है। उनका कहना है कि गरीब और अनपढ़ लोगों को बहकाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो और भी लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार और प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे। अवैध नर्सिंग होम और फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन और निगरानी की जानी चाहिए ताकि आम जनता सुरक्षित चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सके।इमामगंज और रानीगंज जैसे क्षेत्र, जहाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग रहते हैं, वहां फर्जी डॉक्टरों का जाल बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि किसी और की जान न जाए और जनता का शोषण बंद हो
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