राम रुची बालिका विद्यालय मै विधित जागरूकता शिवर का आयोजन किया गया

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गया। जिला सत्र न्यायाधीश  मदन किशोर कौशिक  के दिशा निर्देश एवं जिला विधिक प्राधिकार के सचिव श्री आशीष कुमार अग्निहोत्री की देख रेख में राम रूची बालिका इंटर स्कूल गया में विधित जागरूकता शिवर का आयोजन किया गया, इस शिविर में पैनल अधिवक्ता  राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता ने शिविर को सम्बोधित करते हुए, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण  के द्वारा 2015 में बाल अनुकूल विधिक सेवाएं एवं संरक्षण योजनाओं की जो शुरुआत की गई है उस कानून का मुख्य उदेश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा करना और उन्हें उचित कानूनी सहायता प्रदान कराने के सन्दर्भ में जानकारी प्रदान की।भारत में बच्चों के संरक्षण और कल्याण के लिए कई विधायी और नीतिगत उपाय किए गए हैं। इन प्रयासों के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने 2015 में “बाल अनुकूल विविध सेवाएं और संरक्षण” योजना की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें उचित कानूनी सहायता प्रदान करना है। बच्चों को मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समर्थन प्रदान करना, ताकि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए मानसिक रूप से मजबूत हो सकें। बाल न्यायालयों की स्थापना की गई है, जहां बच्चों के मामलों को तेजी से निपटाया जा सके।बच्चों के मामलों को संभालने के लिए विशेष बाल वकीलों की नियुक्ति की जाती है।जो बच्चों के मामलों में विशेषज्ञता रखते हैं।बच्चों और उनके परिवारों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।जो बच्चे किसी अपराध के शिकार होते हैं।उनके लिए पुनर्वास सेवाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि वे अपने जीवन को सामान्य रूप से जी सकें।अनाथ और बेघर बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की जाती है। जहां उन्हें उचित देखभाल और शिक्षा मिल सके। इस योजना ने कई बच्चों को न्याय दिलाने में मदद की है। बच्चों और उनके परिवारों में कानूनी जागरूकता बढ़ी है। बच्चों के मामलों को तेजी से निपटाने में सहायता मिली है। इस योजना के बारे में जानकारी की कमी के कारण कई बच्चे और परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इस अवसर पर बच्चों के प्रति अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा की आप सब अपने मेहनत और समर्पण से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, शिक्षा केवल पाठ पुस्तकों तक सिमित नहीं है बल्कि ये हमें सोचने और समझने और अपनी क्षमताओं को पहचानने का एक तरीका भी सिखाती है। शिक्षा हमें ना केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि समाज में एक ज़िम्मेदार व्यक्ति के रूप में भी तैयार करती है।इस अवसर पर जिला विधिक प्राधिकार के  अनिल कुमार, विद्यालय के प्राचार्या डॉ अंजना कुमारी, मनोविज्ञानिक शिक्षिका  चित्रलेखा देवी एवं विद्यालय के दर्जनों छात्राओं ने उपस्थित होकर विधिक जानकारी प्राप्त की एवं विद्यालय प्राचार्या के द्वारा जिला विधिक प्राधिकार के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा” बाल अनुकूल विधिक सेवाएं एवं संरक्षण 2015 एक्ट के बारे जागरूकता मिली।
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