खबर बिहार के भागलपुर जिले की है जहां शुक्रवार सुबह 9 बजे थानेदार की प्राइवेट गाड़ी ने एक युवक को रौंद दिया। इससे उसकी घटनास्थल पर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद घटनास्थल पर मौजूद पुलिस ने आश्वासन दिया कि शव का पोस्टमॉर्टम करवा कर 7 लाख रुपए परिजनों को दिया जाएगा।
वही जब परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा लिया तो पुलिस डेढ़ लाख मुआवजा के तौर पर देने की बात कहने लगी। इसके बाद परिजनों ने शाम 4 बजे से एनएच-80 को जाम कर दिया। वहां बैठकर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
मृत्क की पहचान बालेश्वर कुमार के 22 वषीय बेटे अमित कुमार के रूप में की गई है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि मृतक अमित कुमार पैदल घोंघा एचएच- 80 पर जा रहा था। तभी घोंघा थाने के प्राइवेट वाहन ने उसे टक्कर मार दी। घटनास्थल पर ही युवक की मौत हो गई। बता दें कि गाड़ी में थानेदार और ड्राइवर सवार थे।
घटना की जानकारी के बाद आसपास के दर्जनों लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने दहाड़ मार कर रोना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी के बाद थाने के अन्य पुलिसकर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर किसी तरह पोस्टमॉर्टम के लिए भागलपुर लाया गया।
पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों ने मृतक का शव घोंघा लेकर पहुंचे और एनएच-80 पर रखकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित लोगो की मांग थी की मृत्क के परिजनों को 7 लाख मुआवजा पुलिस द्वारा दिया जाए। क्योकि मृत्क मजदूरी कर घर का भरण पोषण करता था।
मृतक के बड़े भाई अजय कुमार ने बताया कि एनएच-80 होकर वह पैदल कहीं जा रहा था। तभी घोंघा थाना में पदस्थापित थानेदार अजीत कुमार के प्राइवेट वाहन ने उसे टक्कर मार दिया। वारदात सीसीटीवी में कैद है। घटना के बाद परिजन शव को पोस्टमॉर्टम कराने के लिए भागलपुर पहुंचे तो उधर, पुलिस ने मौजूद सीसीटीवी को खुलवाकर रखवा दिया।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पोस्टमॉर्टम से पहले आश्वासन दिया कि 7 लाख देंगे। लेकिन पोस्टमॉर्टम होने के बाद पुलिस अब डेढ़ लाख रुपए दे रही है। इसको लेकर परिजनों में काफी गुस्सा है।
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