खबर बिहार के बेतिया जिले की है जहा मझौलिया में सरकार के द्वारा पंचायतो में चलाई जा रही विकास योजनाओं में उपयोग होने वाली सामग्रियों का निर्धारित मूल्य बाजार मूल्य से कम होने को लेकर मुखिया संघ की बैठक प्रखंड सभागार में शुक्रवार को हुई। अध्यक्षता मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष हरीलाल यादव ने की। पंचायत के सभी जनप्रतिनिधियों ने बाजार मूल्य के अनुरूप सामग्रियों के मूल्य नहीं मिलने तक विकास कार्य का बहिष्कार करने के लिए निर्णय लिया। कार्यक्रम में मुखिया संघ के अध्यक्ष हरी लाल यादव ने बताया कि सरकार ने विकास योजना के लिए सीमेंट का प्रति बोरा 234 रुपया निर्धारित किया है। जबकि बाजार में 290-360रुपैया में मिल रहा है। ईट का मुल्य भी प्रति एक हजार 5200 रुपया निर्धारित किया गया है। जबकि ईट संचालकों के द्वारा 8000 से 10000 रुपया तक की बिक्री की जा रही है। सरकार ने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 300 रुपया निर्धारित किया है। जबकि हम लोगों को 400 से 600रुपैया देना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रखंड के 29 पंचायतो में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए विभाग के निर्देश पर हम लोगों के द्वारा अग्रिम राशि दी गई है।
कुछ पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगी भी है लेकिन वह भी स्ट्रीट लाइट अधिकांश बंद पड़ी हुई है। इसकी शिकायत भी हम लोगों ने अधिकारियों से किया है लेकिन इसमें किसी प्रकार सुधार नहीं किया जा रहा है।
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