पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट से भाजपा  प्रत्याशी राधामोहन सिंह के नाम पर मोहर लगा ,भाजपाईयों में खुशी की लहर

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अशोक वर्मा
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में राधा मोहन सिंह के आने से एक तरफ भाजपाईयों में खुशी की लहर है तो दूसरी ओर अन्य  लोगों में भी यह कहते हुए सुना जा रहा है कि विकास की जीत हुई ।
वैसे इधर कुछ दिनो से भाजपा प्रत्याशी के रूप में राधा मोहन सिंह  का नाम कटने की चर्चा हो रही थी लेकिन वही तत्व इसको हवा दे रहे थे जो लोग राधा मोहन सिंह से व्यक्तिगत कारणो से या उनके अनुशासनात्मक व्यवहार से चोटिल थे।
वैसे यह सर्व विदित है कि राधा मोहन सिंह के नाम के आगे भीष्म पितामह शब्द का लगना ऐसे ही नहीं हुआ ।सिर्फ़ पूर्वी चंपारण की राजनीतिक पर इनकी  पकड़ नहीं है बल्कि पूरे बिहार की राजनीति पर मजबूत पकड़ है।  वर्तमान समय राधामोहन सिंह राष्ट्रीय स्तर के भाजपा नेता है इस बात को कोई इनकार नहीं कर सकता है। जो व्यक्ति केंद्र में कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग का मंत्री रह चुका हो ऐसे व्यक्ति के कद को छोटा मानना यह बड़ी भूल थी। आरएसएस के पुराने नेता गणेश जी ने कहा कि राधा मोहन सिंह ने जिले मे विकास का  एक इतिहास कायम किया है।चाहे जिले का रेलवे स्टेशन हो या फिर पिपरा कोठी कृषि फॉर्म हो ।इसके अलावा डेयरी फार्म  या विकास का और क्षेत्र हो चारों तरफ राधा मोहन सिंह का कार्य आज प्रत्यक्ष प्रमाण है जिसको जिले के लोग स्वीकार करते हैं। यही कारण है कि राधा मोहन सिंह को भाजपा आला कमान द्वारा टिकट दिया गया। वैसे यह भी चर्चा थी कि अगर राधा मोहन सिंह का टिकट कटता है तो भाजपा का प्रत्याशी कौन होगा ?यह  प्रश्न निरुत्तर था और आम लोग यहीं पर आकर अटक जाते थे कि प्रत्याशी तो कोई नहीं दिख रहा है। यह मजबूत स्थिति राधा मोहन सिंह ने कई टर्म सांसद रहकर  बनाया है,यह एक दिन में नहीं बनता है ।लंबी समय लगती है। राधा मोहन सिंह के बारे में आम लोगों के अंदर जो राय है उसके अनुसार यह सभी कहते और स्वीकारते हैं कि अनुशासनहीनता को वे बर्दाश्त नहीं करते हैं ।इसके अलांवा जिले के किसी भी अपराधी को कभी भी इन्होंने प्रश्रय नहीं दिया।वे अपने कार्य में हमेशा लग रहे । चरखा पार्क का नया स्वरुप इनकी  देन है। इन्होंने एक बड़ा पार्क का निर्माण किया ।वैसे विकास कार्यो  की लंबी फेहरिस्त है जिसे जिले के लोग अच्छी तरह से जानते हैं। गांधी की कर्म भूमि चंपारण मे गांधी के नाम पर इन्होंने चंपारण में जो कुछ किया ,या गांधी  विचार को प्रचारित प्रसारित करने के लिए जो भी कार्य किया वह अमिट है ।वैसे जो लोग भी भाजपा के ऊपर गोड़सेवाड़ी का ठप्पा लगते हैं उन लोगों को  भी राधा मोहन सिंह ने अपनी सेवा और समर्पण से जवाब दिया है। कई बुद्धिजीवीयो के अलावा गैर भाजपाइयों ने भी बताया कि  राधामोहन सिंह  पर उंगली उठाने की गुंजाइश नहीं है। राधा मोहन सिंह ने अपने कार्यकाल में किसी भी तरह की सांप्रदायिक बाते  नहीं कही।  जिले के लोगों को हमेशा साथ ले चलने का उन्होंने प्रयास किया। चाहे वे किसी भी जाति और धर्म के हों।किसी की पैरवी  भी  बहुत सोच समझकर करते थे ।जिसको वेअच्छी तरह जानते थे और जायज पैरवी होती तभी वे पहल करते थे। इस कारण गलत पैरवी करानेवालो मे  नाराजगी भी  हुई, लेकिन  उनकी  कार्य शैली मे कोई फर्क नही आया। जिले के राजनीतिक गलियारे में ऐसी चर्चा है कि राधा मोहन सिंह सत्ता के  ऊंचे पद पर आसिन रह चुके हैं , यह चंपारण वासियो के लिए गर्व की बात है ।श्री सिंह एक बार फिर यहां से प्रत्याशी हुए हैं और इस बार भी अगर जैसी की संभावना है केंद्र में भाजपा की सरकार बनेगी ही तो उस स्थिति में निश्चित रूप से राधामोहन सिंह को  मंत्री की जिम्मारी मिल सकती है जो चंपारणवासियो के लिए फक्र की बात होगी। कुल मिलाकर चंपारण के लोगों में खुशी है कि राधा मोहन सिंह भाजपा के एक मजबूत प्रत्याशी  बने हैं ।और उनकी जीत से जिले की विकास गति और तेज होगी।
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