उर्दू विद्यालय में करीब 90 विद्यार्थी और शिक्षकों ने खायी दवा

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  • दवा खाने से उल्टी और चक्कर आने का लोगों ने जाना राज, दवा सेवन के प्रति दिखाया उत्साह
  • दवा खाने के बाद बच्चों ने लगाया नारा 
सीतामढ़ी। फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने से मना करने वाले बच्चों एवं शिक्षकों को सोमवार की काउंसलिंग की गयी। जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि उर्दू मध्य विद्यालय हरपुरवा, बाजपट्टी के बच्चों व शिक्षकों ने शनिवार को दवा खाने से मना किया था। डॉ यादव ने बताया कि बच्चों को समझाने पर कि यह दवा किसी बीमारी की नहीं उससे बचाव की है। अगर किसी में दवा खाने के बाद कुछ लक्षण जैसे उल्टी, चक्कर होता है तो इसका स्पष्ट अर्थ है कि उनके अंदर माइक्रोफाइलेरिया है। उनके मरने पर कुछ टॉक्सिन का स्राव होता है, जिस कारण हमें सामान्य से प्रतिकूल लक्षण प्रतीत होते हैंं। थोड़े से आराम से यह स्वत: कुछ देर बाद ठीक हो जाता है। बाजपट्टी के अलावा बेलहिया मध्य विद्यालय के शिक्षक और रसोईयों के अलावा कुछ छात्र-छात्राओं ने दवाई खाने से मना किया था, उन्हें समझाने के बाद दवाई का सेवन कराया गया। डॉ यादव ने बताया कि अगर सही तरीके से समझाया जाए तो शायद ही कोई दवा खाने से मना करे।
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