- कोयल नदी में पांच और जिंजोई में 17 वर्षीय किशोरी की गई जान
पलामू: करमा पर्व की खुशियां बुधवार को पलामू जिले में उस वक्त मातम में बदल गईं, जब करम डाली और झुर विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग नदी हादसों में छह लोगों की डूबने से मौत हो गई। चैनपुर थाना क्षेत्र में कोयल नदी में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि पाटन थाना क्षेत्र में जिंजोई नदी में डूबने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया।
कोयल नदी में एक को बचाने के प्रयास में पांच की मौत
पहली घटना बुधवार सुबह करीब छह बजे चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द गांव से सटे बोकया गांव के समीप हुई। बताया गया कि पतरिया खुर्द गांव के लोग करम डाली विसर्जन के लिए कोयल नदी पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी नदी में उतर गए। नदी के तेज बहाव और गहरे पानी के कारण स्थिति अचानक बिगड़ गई और देखते ही देखते कई लोग पानी में डूब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
हादसे में नीरज कुमार सिंह (16), विशाल कुमार पासवान (15), अभिषेक कुमार ठाकुर (20), राजा सिंह (10) और रंजन सिंह (10) की मौत की जानकारी सामने आई है।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जुट गए और अपने स्तर से बचाव अभियान शुरू किया। ग्रामीणों के प्रयास से कई शवों को नदी से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलने पर चैनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घटनास्थल पहुंचे विधायक, परिजनों को दी सांत्वना
हादसे की सूचना मिलने पर डालटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और घटना पर गहरा दुख जताया। विधायक ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
जिंजोई नदी में डूबी 17 वर्षीय किशोरी
दूसरी घटना पाटन थाना क्षेत्र के हिसरा बरवाडीह इलाके में हुई। यहां नानी झरिया निवासी दिलीप पासवान की 17 वर्षीय बेटी सिंपी कुमारी की जिंजोई नदी में डूबने से मौत हो गई।
बताया गया कि बुधवार सुबह सिंपी अपनी सहेलियों के साथ करमा पर्व के बाद झुर विसर्जन के लिए गांव के समीप स्थित जिंजोई नदी गई थी। विसर्जन के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।
आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल उसे नदी से बाहर निकाला और गंभीर हालत में इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
एक ही दिन में छह मौतों से पसरा मातम
सिंपी की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। करमा पर्व की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इधर, दोनों घटनाओं की सूचना के बाद संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस ने आवश्यक जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। एमएमसीएच स्थित पुलिस चौकी की पुलिस ने सिंपी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
करमा पर्व के दिन हुए इन दो दर्दनाक हादसों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर जहां गांवों में पर्व की खुशियां थीं, वहीं कुछ ही घंटों में छह परिवारों में अपनों को खोने का गम छा गया।
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