माउंट आबू से बीके अशोक वर्मा
माउंट आबू के मानसरोवर में सोशल विंग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय शिविर एवं राजयोग मेडिटेशन के अवेयरनेस सेशन में को संबोधित करते हुए प्रोफेसर बीके गिरीश भाई मुंबई ने हास्य व्यंग और कथा कहानी के माध्यम से बहुत ही प्रेरक बातें बताइ. मुंबई से पधारे बीके दीपा दीदी ने कहा कि तकनीक के वर्तमान दौर में हर मनुष्य को अपने जीवन शैली में बदलाव लाना होगा. वर्तमान नए जेनरेशन पैरेंट में बदलाव चाहते हैं तथा पेरेंट्स अपने बच्चों में बदलाव देखना चाहते हैं. नई सोच स्वीकार करना समय की मांग है. उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोच टेंशन को बढ़ाता है. उन्होंने सामाजिक संस्थाओं को कहा कि तकनीक का प्रयोग अपनी सेवाओं में करें इससे अप्रत्याशित सफलता मिलेगी.उन्होंने राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं देशभर से आए हुए 2000 समाज सेवि यों का आहवान करते हुए कहा कि प्रकृति के इस नाजुक दौर में समाजसेवियों के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी आई है,.उन्होंने संचार सेवा को विज्ञान का चमत्कार कहा लेकिन यह भी कहा कि इससे परिवार के सदस्यों में आपसी दूरी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि सुबह से शाम तक अपने चिंतन को चेक करें और उसका निवारण खुद करें निवारण से ही शांति मिलेगी रिएक्शन रेस्पॉन्ड मोड में जाना होगा तब जीवन सहज होगा.कार्यक्रम के तीसरे महत्वपूर्ण वक्ता बीके विजया दीदी ने कंमेंट्री के द्वारा योग की गहन अनुभूति करायी . संचालन बीके सरिता दीदी ने किया.
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