कश्मीर में बड़े टेरर फंडिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश : आतंकियों तक पहुंच रहा था जनता का पैसा, 10 आरोपी गिरफ्तार; जांच एजेंसियों का एक्शन

Live News 24x7
6 Min Read

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क (Terror Financing Network) की कमर तोड़ने के लिए सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। घाटी में एक ऐसे संगठित टेरर फंडिंग मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जो कथित सामाजिक कार्यों, चैरिटी और जन-कल्याण के नाम पर आम जनता से जुटाए गए चंदे के पैसे को सीधे सक्रिय आतंकी संगठनों और उनके मददगारों तक पहुंचा रहा था। राज्य जांच एजेंसी (SIA), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत इस मामले में घाटी के विभिन्न जिलों से 10 सक्रिय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का मकसद स्थानीय स्तर पर आतंक की नर्सरी को जिंदा रखना और युवाओं को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाना था।

चैरिटी और क्राउडफंडिंग के नाम पर धोखाधड़ी: जनता की गाढ़ी कमाई बनी आतंक का जरिया

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था। आरोपी सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं या गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) का मुखौटा पहनकर आम लोगों के बीच जाते थे। गरीबों, बीमारों और अनाथों की मदद के नाम पर जनता से भारी मात्रा में नकद और डिजिटल माध्यमों से दान लिया जाता था। संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दों का फायदा उठाकर जुटाई गई यह रकम जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय गुपचुप तरीके से सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं के इशारे पर सक्रिय स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और सक्रिय आतंकवादियों को लॉजिस्टिक्स, हथियार और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराने के लिए डायवर्ट की जा रही थी।

घाटी के कई जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी: 10 आरोपियों की गिरफ्तारी

सुरक्षा एजेंसियों को मिले पुख्ता खुफिया इनपुट्स के बाद श्रीनगर, बारामूला, पुलवामा, अनंतनाग और बडगाम सहित कई संवेदनशील ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। तलाशी अभियान के दौरान जांच दलों ने 10 मुख्य साजिशकर्ताओं को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ ऐसे संदिग्ध भी शामिल हैं जो पहले से ओवरग्राउंड नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं और डिजिटल वॉलेट्स तथा हवाला चैनलों के जरिए अवैध लेनदेन में माहिर थे। पुलिस ने इनके कब्जे से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लेन-देन के हिसाब-किताब वाली डायरियां, कई बैंक पासबुक, चेकबुक और भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं।

डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल फोन और संदिग्ध बैंक खातों की जांच

कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और पेन ड्राइव को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। प्राथमिक तकनीकी जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए सीमा पार बैठे लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। जांच एजेंसियों ने ऐसे दर्जनों बैंक खातों की पहचान की है, जिनमें नियमित रूप से छोटे-छोटे अंतराल पर अज्ञात स्रोतों से भारी रकम जमा की जा रही थी और बाद में उसे एटीएम तथा नकदी निकासी के जरिए आतंकियों तक पहुंचाया जा रहा था। इन सभी संदिग्ध खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हवाला और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल: वित्तीय सुरागों की पड़ताल

इस मॉड्यूल की कार्यप्रणाली केवल प्रत्यक्ष चंदे तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें पारंपरिक हवाला और फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए खातों (Mule Accounts) का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर जुटाई गई नकदी को सफेद दिखाने के लिए फर्जी रसीदें काटी जाती थीं। जांच एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि इस अवैध नेटवर्क में क्या कुछ वित्तीय बिचौलिए या स्थानीय कारोबारी भी शामिल थे जिन्होंने जानबूझकर लेन-देन को छिपाने में मदद की। मनी लॉन्ड्रिंग और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

घाटी में आतंकवाद के इकोसिस्टम पर सुरक्षाबलों का निर्णायक प्रहार

जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल रखने के लिए सुरक्षाबलों की रणनीति अब केवल मुठभेड़ों में आतंकियों को ढेर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकवाद के पूरे वित्तीय और सामाजिक इकोसिस्टम को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। घाटी में हाल के वर्षों में टेरर फंडिंग, नार्को-टेरर और हवाला नेटवर्कों पर लगातार सख्त एक्शन लिया गया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस मॉड्यूल के खुलासे से आतंकवादियों को मिलने वाली आर्थिक जीवनरेखा को गहरा झटका लगा है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े कुछ अन्य बड़े चेहरों की गिरफ्तारी भी संभव है।

7
Share This Article
Leave a review

Leave a review

Your email address will not be published. Required fields are marked *