- राधा-कृष्ण के रूप में बच्चों ने मनमोहा, मक्खन-मिश्री का लगा भोग; बीके मनोरमा दीदी ने बताया कृष्ण जैसा बनने का आध्यात्मिक रहस्य
अशोक वर्मा
केसरिया : ब्रह्माकुमारी दिव्य अनुभूति भवन, केसरिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिव्य अनुभूति भवन को आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा श्रीकृष्ण की मनमोहक एवं जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई। समारोह में छोटे-छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर रासलीला प्रस्तुत की, जिसे देखकर उपस्थित भाई-बहन एवं जिज्ञासु भाव-विभोर हो उठे।
कृष्ण के रूप में कोमल तथा राधा के रूप में अंशु की चैतन्य झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं अनन्या द्वारा बाल गोपाल कृष्ण के रूप में प्रस्तुत रासलीला ने भी सभी का मन मोह लिया। बच्चों की सहज प्रस्तुति और झांकी में दिखाई गई जीवंतता ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
सेवा केंद्र प्रभारी बीके मनोरमा दीदी की योग शक्ति एवं मार्गदर्शन से निर्मित दिव्य अनुभूति भवन को जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण की आरती की गई, उन्हें झूले पर झुलाया गया तथा उपस्थित लोगों के बीच मक्खन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर केक कटिंग भी की गई।
‘कृष्ण जैसा बनने के लिए जीवन को बनाएं पवित्र’
समारोह को संबोधित करते हुए सेवा केंद्र प्रभारी बीके मनोरमा दीदी ने कहा कि श्रीकृष्ण केवल एक धार्मिक पात्र नहीं, बल्कि सतयुग की पवित्रता, सर्वगुण सम्पन्नता और दिव्य जीवन के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम भी 16 कला संपूर्ण और सर्वगुण सम्पन्न बनना चाहते हैं तो इसके लिए जीवन को संपूर्ण पवित्र बनाकर ध्यान-योग और परमात्मा स्मृति के माध्यम से श्रेष्ठ बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सतयुग के प्रथम राजकुमार माने जाते हैं। उनके जैसा श्रेष्ठ जीवन प्राप्त करने के लिए हमें ज्ञान रूपी माखन का सेवन करते हुए परमात्मा को याद करना होगा। ज्ञान और योग के माध्यम से जीवन में पवित्रता एवं श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करने से मनुष्य अपने जीवन को दिव्य बना सकता है।
जन्माष्टमी समारोह में बड़ी संख्या में भाई-बहन, गणमान्य अतिथि एवं जिज्ञासु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विपिन भाई, रामनाथ भाई, सुधीर भाई, विवेक भाई, सृष्टि बहन, अंजू बहन, शिक्षा बहन, मनी माताजी, सरोज बहन, मीरा बहन, बेबी बहन, पूजा बहन, पवन भाई सहित अनेक लोगों की सक्रिय सहभागिता रही।
समारोह के दौरान भक्ति, आध्यात्मिकता और बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों से दिव्य अनुभूति भवन का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय बना रहा।
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