- NPS/UPS कर्मचारी हित में नहीं, केवल OPS मंजूर : रत्नेश वर्मा
- देशभर में सभी के लिए समान पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग
अशोक वर्मा।
रक्सौल, 1 सितंबर। ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) की ओर से मंगलवार को रक्सौल रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे कर्मचारियों के बीच NPS/UPS के विरोध में ब्लैक डे मनाया गया। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के समर्थन में पूर्व मध्य रेलवे जोन के विभिन्न स्थानों पर काला दिवस मनाया गया।
रक्सौल में कार्यक्रम की शुरुआत रेलवे के विभिन्न विभागों में जाकर रेलकर्मियों को NPS/UPS के विरोध में ब्लैक डे का बैज लगाकर की गई। इस दौरान केंद्र सरकार की कर्मचारी एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
कार्यक्रम का नेतृत्व ECREU के केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव एवं इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय सह महासचिव रत्नेश वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि NPS और UPS कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। रेलकर्मियों को केवल पुरानी पेंशन योजना (OPS) ही स्वीकार है।
श्री वर्मा ने कहा कि कर्मचारियों का पेंशन, वेतन, भत्ता, बोनस और ड्यूटी रोस्टर आदि कोई दया या मांगने की चीज नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। सरकार को कर्मचारियों के हित में इनका उचित समाधान करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे देश में सरकारी कर्मचारियों, सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों सहित सभी के लिए एक समान पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि ECREU द्वारा पुरानी पेंशन बहाल करने, निजीकरण एवं निगमीकरण पर रोक लगाने तथा नई श्रम नीतियों एवं लेबर कोड को वापस लेने सहित कर्मचारी हित के विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर 2026 को लखनऊ में विजय बंधु के नेतृत्व में NMOPS की प्रस्तावित विशाल रैली में अधिक से अधिक रेलकर्मियों की भागीदारी के लिए भी अपील की गई है।
रत्नेश वर्मा ने कहा कि ECREU के बैनर तले पूर्व मध्य रेलवे जोन के हजारों रेलकर्मी कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगामी आंदोलनों में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले NPS और अब UPS लागू किया है, जबकि OPS की बहाली की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो रही है।
प्रमुख मांगें
ECREU एवं इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन की ओर से सरकार एवं रेलवे प्रशासन से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें NPS/UPS समाप्त कर OPS लागू करना, चारों लेबर कोड वापस लेना, रेलवे में रिक्त पदों को भर्ती एवं पदोन्नति से भरना, निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना तथा ठेका कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देना प्रमुख हैं।
यूनियन ने आठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के लिए 3.5 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने, 2025-26 के PLB बोनस का भुगतान सातवें वेतन आयोग के वेतन के आधार पर करने, DA एरियर का भुगतान करने तथा कर्मचारियों को विभिन्न लंबित भत्तों का लाभ समय पर देने की मांग की।
इसके अलावा ट्रैफिक पॉइंट्समैन, गेटमैन, सिग्नल एवं टेलीकॉम, TRD, C&W सहित विभिन्न विभागों में आठ घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करने, कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, रेलवे आवास एवं विश्राम कक्षों की व्यवस्था करने, रेलवे अस्पतालों में UMID कार्ड के आधार पर कैशलेस इलाज की सुविधा देने तथा पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई।
यूनियन ने रनिंग कर्मचारियों की ड्यूटी अवधि कम करने, मायलेज भत्ता एवं रनिंग भत्ते से संबंधित मांगों का समाधान करने, L.D.C.E. एवं G.D.C.E. परीक्षाएं नियमित रूप से कराने, MACP का लाभ प्रत्येक पांच वर्ष पर देने, महिला रेल कर्मचारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की भी मांग की।
स्थानीय स्तर पर रक्सौल एवं सीतामढ़ी में रेलवे चिकित्सा केंद्र स्थापित करने, सभी जंक्शन स्टेशनों पर कर्मचारी विश्रामालय बनाने, साइकिल भत्ता के एरियर का भुगतान करने, लेवल-5 से नीचे के कर्मचारियों से की-मैन एवं मेट का कार्य नहीं लेने तथा लंबित स्थानांतरण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने की मांग भी रखी गई।
कार्यक्रम में रामानंद कुमार, जैकी कुमार, अंगद राम, रफीक आलम, सुरेश यादव, सोनू कुमार, अजीत कुमार, सित्तू कुमार, राकेश कुमार, राहुल कुमार, कृष्णा कुमार, शिवम कुमार, धर्मनाथ कुमार, संजय कुमार, ओम शंकर, शाकिर हुसैन, कृष्ण कुमार यादव, उमेश कुमार राय, धनंजय कुमार सहित रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे.
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