गया । ब्रिलिएंट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (B.I.E.), बजौरा, गया में “Education 5.0: Transforming Learning through Technology and Innovation” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। सेमिनार में विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और शिक्षक-प्रशिक्षुओं ने भाग लिया है।
सेमिनार में शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक, नवाचार, स्मार्ट लर्निंग, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। वक्ताओं ने कहा कि एजुकेशन 5.0 का उद्देश्य महज कक्षा में तकनीक का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि तकनीक को मानवीय मूल्यों से जोड़कर ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है, जिससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान, सहयोग और नवाचार की क्षमता विकसित हो।
इस कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रो. (डॉ.) प्रवीण कुमार, सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक, राजकीय मेडिकल कॉलेज, उत्तराखंड उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम के संरक्षक एवं B.I.E. के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सहदेव चौधरी ने स्वागत संबोधन किया है। विशेष अतिथि के रूप में श्री राम रंजन शर्मा, चेयरमैन, मालिक मेमोरियल सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट ट्रस्ट तथा प्रो. दीपक कुमार मिश्रा, सहायक प्राध्यापक, अनुग्रह नारायण मेमोरियल कॉलेज, गया उपस्थित रहे हैं। डॉ. के.के. मिश्रा, सचिव, गौतम बुद्ध नैतिक शिक्षण मिशन की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही है।
बी आई ई. के सचिव विमल कुमार ने कहा कि तकनीकी युग में शिक्षक-शिक्षा को नई दिशा देने के लिए एजुकेशन 5.0 जैसे विषयों पर राष्ट्रीय स्तर का संवाद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षक-प्रशिक्षुओं से तकनीक का रचनात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का आह्वान किया है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं बैज प्रदान करने से हुई है। इसके बाद मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर सेमिनार का उद्घाटन किया है। अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया है। इस दौरान पौधे एवं सेमिनार किट प्रदान कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया है।इस कार्यक्रम में सेमिनार स्मारिका (Souvenir) का भी विमोचन किया गया है।
मुख्य वक्ता डॉ. रूमा झा ने एजुकेशन 5.0 की अवधारणा पर विचारोत्तेजक व्याख्यान दिया। उन्होंने तकनीक और नवाचार के माध्यम से अधिगम को अधिक प्रभावी, समावेशी एवं भविष्योपयोगी बनाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। मुख्य संरक्षक प्रो. (डॉ.) प्रवीण कुमार ने शिक्षा के मानवीय पक्ष और शिक्षक की सामाजिक जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। सहायक प्राध्यापक सुश्री आयुषी रंजन तथा अन्य विद्वानों ने भी विषय पर अपने विचार रखे।
शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोध-पत्र
सेमिनार के तकनीकी सत्र में शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं। इनमें महेश पासवान, शोधार्थी, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया; चंचल कुमारी, विजय कुमार, शोधार्थी, भूगोल विभाग, बोधगया; अनुज प्रसाद, पीएच.डी. शोधार्थी सहित अन्य शोधार्थी शामिल रहे हैं। शोध प्रस्तुतियों के माध्यम से एजुकेशन 5.0 के विभिन्न आयामों पर अकादमिक विमर्श हुआ है।
शिक्षक-प्रशिक्षुओं एवं विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अतिथि-सत्कार, स्वागत, आयोजन-व्यवस्था और अकादमिक सत्रों में सक्रिय सहयोग किया है।
इस सेमिनार के सफल आयोजन में डॉ. शिव शंकर कुमार सिंह, सेमिनार आयोजक एवं सहायक प्राध्यापक, B.I.E. की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन के माध्यम से अतिथियों, वक्ताओं, शोधार्थियों, शिक्षक-प्रशिक्षुओं और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय प्राचार्य, सेमिनार एडवाइजरी कमेटी की अलका प्रीति, इशांत कुमार सोनी, कृपाल सिंह, उमाशंकर सिंह, डॉ. के.के. मिश्रा, सुश्री प्रिया कुमारी संतापा, सुश्री निशु कश्यप एवं सुश्री अमीषा सिंह समेत अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही है। मंच संचालन प्रिया भारती एवं सोनी कुमारी ने किया है।
इस कार्यक्रम के औपचारिक सत्रों के बाद प्रतिभागियों के लिए लंच की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात ऑफलाइन तकनीकी सत्र में शोधार्थियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं। सेमिनार में महाविद्यालय एवं अन्य संस्थानों के विद्यार्थी, पूर्व छात्र-छात्राएं और शोधार्थी उपस्थित रहे हैं।
ब्रिलिएंट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, बजौरा द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार तकनीक, नवाचार और मानवीय मूल्यों के समन्वय से भविष्य की शिक्षा को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण अकादमिक पहल के रूप में संपन्न हुआ है। प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक विमर्श आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई है।
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