गुणों की खान थी दादी प्रकाशमणि : “ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन “

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  • दादी जी का मुख्य स्लोगन था निमित्त निर्माण और निर्मल वाणी– बीके विनोद
अशोक वर्मा 
मीरगंज : गोपालगंज : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय  स्थानीय  सेवा केंद्र पर दादी प्रकाशमणि जी की16 वीं पुण्य स्मृति दिवस विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया गया। सेवा केंद्र इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन, रिंकी बहन टुनटुनभाई,आरती माता , ने दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए।वही सेवा केंद्र इंचार्ज ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन ने बताया कि दिव्य गुणों की मूर्ति अनोखी थी दादी प्रकाशमणि जी। उन्होंने 137 देशों में  सेवा का विस्तार किया। 25 अगस्त सन् 2007 में संपूर्णता को प्राप्त कर अपना पुराना शरीर छोड अगले पार्ट पर चली गई। दादी जी में स्नेह और शक्ति का अद्भुत संतुलन था।  सभी की विशेषताओं को पहचान कर उन्हें सेवा में लगाना, सभी को सम्मान व स्नेह देना ,माँ की तरह कमियों को मन में न रखकर न सिर्फ  क्षमा करना बल्कि उन्हें और ही स्नेह देकर आगे बढ़ाना ये सब दादी जी के गुण थे । वही बीके उर्मिला  बहन ने बताया कि यह विश्व विद्यालय संसार की सबसे बड़ी महिला एन जी ओ है ! दुनिया में मानवता की सेवा करने और विश्व में शांति के लिए यह संस्था निस्वार्थ सेवा करती है! कार्यक्रम में बीके सुनिता बहन,उर्मिला बहन,विनोद भाई , नीलम माता, रिंकी बहन ,अनन्ता बहन, मीरा माता,मालती माता,कुमकुम माता,कौशल्या माता, केदार भाई, टुनटुन भाई,सतीश भाई, गणेश भाई आदि थे
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