- सुभाष चौक पर उमड़ा अधिवक्ताओं और समाजसेवियों का हुजूम, पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
रामगढ़:रामगढ़ की हृदयस्थली सुभाष चौक पर मंगलवार की संध्या 6:30 बजे अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। छह दिन पूर्व हजारीबाग में हुई अनुष्का की मौत के मामले में न्याय की मांग करते हुए रामगढ़ अधिवक्ता संघ और विभिन्न समाजसेवियों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। इस दौरान सैकड़ों अधिवक्ता एवं समाजसेवी मौजूद रहे और मामले में दोषी को फांसी देने की मांग की।
अनुष्का चक्रवर्ती रामगढ़ जिले के अंगो प्रखंड की रहने वाली थीं। उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से निकाले गए इस कैंडल मार्च में उनके पिता सुनील राय चक्रवर्ती और भाई देबोजित चक्रवर्ती भी शामिल हुए। परिजनों की मौजूदगी ने माहौल को भावुक कर दिया। हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर लोगों ने अनुष्का को श्रद्धांजलि दी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
पुलिस की कार्यशैली और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर उठे सवाल
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने हजारीबाग पुलिस की जांच एवं कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। साथ ही पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। पोस्टमार्टम के तुरंत बाद संबंधित चिकित्सक के इस्तीफे की बात सामने आने को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस घटनाक्रम की परिस्थितियों और उससे जुड़े सवालों की जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की आशंका दूर हो सके।
न्याय की मांग को लेकर एकजुट हुए अधिवक्ता और समाजसेवी
कैंडल मार्च में रामगढ़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समाजसेवी शामिल हुए। सभी ने अनुष्का चक्रवर्ती के मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
अनुष्का के परिजनों के साथ खड़े होकर लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता को समझने और हर पहलू की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की। सुभाष चौक पर निकाला गया यह कैंडल मार्च केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय की मांग को लेकर उठी एक सामूहिक आवाज बनकर सामने आया।
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